छोटे व्यापारियों पर यूपीआई शुल्क का बोझ मंजूर नहीं : पचीसिया






THE BIKANER NEWS:-बीकानेर। बीकानेर जिला उद्योग संघ ने यूपीआई के माध्यम से होने वाले चुनिंदा व्यापारी लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू किए जाने का विरोध किया है। संघ का कहना है कि छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के लिए पहले से ही व्यापार करना चुनौतीपूर्ण है, ऐसे में डिजिटल भुगतान से जुड़े अतिरिक्त शुल्क से उनकी लागत बढ़ेगी।
बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष श्री द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने कहा कि यूपीआई ने देश में डिजिटल भुगतान को आसान और आम लोगों की पहुंच में बनाया है। छोटे व्यापारी भी लंबे समय से यूपीआई के माध्यम से भुगतान स्वीकार कर रहे हैं। ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार व्यापारियों के हित में नहीं है।
पचीसिया ने कहा कि “छोटे व्यापारी सीमित मार्जिन पर अपना कारोबार करते हैं। यदि डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क का भार बढ़ेगा तो इसका सीधा असर उनके व्यापार और आय पर पड़ेगा। सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए जिससे डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन मिले और छोटे व्यापारियों पर किसी प्रकार का अतिरिक्त बोझ न आए।”
उन्होंने कहा कि छोटे दुकानदार, किराना व्यापारी, फुटकर विक्रेता और अन्य लघु व्यवसायी डिजिटल भुगतान व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सरकार को नीति बनाते समय इनके हितों और व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखना चाहिए।
सचिव वीरेंद्र किराडू ने बताया कि गौरतलब है कि केंद्र सरकार के अनुसार 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा व्यापारी-से-ग्राहक यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर प्रस्तावित है, जबकि छोटे व्यापारियों के लिए निर्धारित जीरो-एमडीआर व्यवस्था के तहत लेनदेन पर शुल्क नहीं लगाया जाएगा । सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि एमडीआर सरकार द्वारा वसूला जाने वाला टैक्स नहीं है।
बीकानेर जिला उद्योग संघ ने सरकार से मांग की है कि छोटे व्यापारियों पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त भुगतान भार नहीं डाला जाए और यूपीआई जैसी डिजिटल भुगतान व्यवस्था को सरल, सुगम एवं व्यापारियों के लिए लागत-मुक्त बनाए रखने की दिशा में निर्णय लिया जाए नहीं तो इसके लागू होने पर कैशलेस व्यवहार पर बुरा असर पड़ेगा ।





































