बीकानेर में सफाई व्यवस्था बेपटरी: घरों से नहीं उठ रहा कचरा, 2 अक्टूबर तक इंतजार

बीकानेर। नगर निगम क्षेत्र में घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था ठप होने से शहर में कचरा संकट गहराता जा रहा है। पुरानी फर्म का अनुबंध 15 सितंबर को समाप्त हो चुका है, जबकि नई फर्म 2 अक्टूबर से कचरा संग्रहण का काम संभालेगी। ऐसे में करीब 17 दिनों के अंतराल में घरों से कचरा उठाने की नियमित व्यवस्था बाधित हो गई है।
शहर में 15 सितंबर से घर-घर कचरा संग्रहण करने वाले टिपर और ट्रैक्टरों का संचालन बंद होने के बाद लोग अपने घरों का कचरा सड़कों, गलियों और खाली स्थानों पर डालने को मजबूर हैं। निगम क्षेत्र करीब 120 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और यहां प्रतिदिन लगभग 350 से 400 टन कचरा निकलता है। कचरा उठाव की व्यवस्था प्रभावित होने से बड़ी मात्रा में कचरा शहर के विभिन्न हिस्सों में जमा हो रहा है।
बताया जा रहा है कि इस अंतराल के दौरान करीब 60 टन अतिरिक्त कचरा सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर फैलने का अनुमान है। कई इलाकों में घरों के बाहर और गलियों में कचरे के ढेर नजर आने लगे हैं, जिससे आमजन को परेशानी के साथ-साथ सफाई और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
नए मेयर और निगम प्रशासन के सामने चुनौती
नगर निगम की नई सरकार के शपथ लेते ही घरेलू कचरा संग्रहण की समस्या सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल हो गई है। नए पार्षदों के पास भी कचरा नहीं उठने की शिकायतें लगातार पहुंच रही हैं।
अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि 2 अक्टूबर तक शहर में जमा हो रहे कचरे को कैसे नियंत्रित किया जाए, ताकि नई फर्म के काम संभालने तक बीकानेर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा न जाए।




































