पश्चिम बंगाल: ED का बड़ा एक्शन, पूर्व पुलिस अफसर और प्रमोटर समेत 10 ठिकानों पर छापेमारी


KOLKATA NEWS:^कोलकाता/मुर्शिदाबाद:पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित ‘सोना पप्पू’ जमीन जालसाजी (लैंड स्कैम) मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच तेज कर दी है। शुक्रवार तड़के ED की कई टीमों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के भारी जवानों के साथ राज्य के कई अहम ठिकानों पर एक साथ छापेमारी अभियान शुरू किया। इस बड़ी कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।

इन प्रमुख ठिकानों पर चल रही है रेड:
मिली जानकारी के अनुसार, ED की यह कार्रवाई कोलकाता से लेकर मुर्शिदाबाद तक कुल 10 अलग-अलग स्थानों पर चल रही है। जिन प्रमुख जगहों पर सुबह से ही तलाशी अभियान जारी है, उनमें शामिल हैं:
- भवानीपुर: आशु विश्वास रोड स्थित प्रमोटर अतुल कटारिया के ठिकाने पर।
- बालीगंज प्लेस: कोलकाता के इस पॉश इलाके में भी टीम मौजूद है।
- रॉयड स्ट्रीट: 4 नंबर रॉयड स्ट्रीट पर स्थित एक कैफे में।
- मुर्शिदाबाद (कांदी): कालीघाट थाने के पूर्व ओसी (OC) शांतनु सिन्हा के आवास पर।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम:
ED के अधिकारियों ने किसी भी तरह के विरोध या तनाव से बचने के लिए CRPF के जवानों को बड़ी संख्या में साथ रखा है। जवानों ने सभी चिन्हित ठिकानों को चारों तरफ से घेर लिया है और किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने या अंदर से बाहर आने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
क्या है मामला?
यह पूरा मामला ‘सोना पप्पू’ से जुड़े जमीन फर्जीवाड़े का है, जिसमें कथित तौर पर अवैध रूप से जमीनों पर कब्जा करने, जाली दस्तावेज बनाने और बड़े पैमाने पर वित्तीय हेराफेरी (मनी लॉन्ड्रिंग) के आरोप हैं। ED इस बात की जांच कर रही है कि इस जालसाजी से कमाए गए काले धन का निवेश कहाँ-कहाँ किया गया और इस सिंडिकेट में कौन-कौन से रसूखदार लोग और अधिकारी शामिल हैं।
फिलहाल, ED के अधिकारी इन सभी 10 ठिकानों पर दस्तावेजों, डिजिटल सबूतों और संपत्तियों के कागजातों की गहन जांच कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस छापेमारी में कई अहम सबूत हाथ लग सकते हैं।




































