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राजस्थान :-सूखे का साया: बीकानेर पर मंडराया अल नीनो का खतरा,बारिश नदारद

THE BIKANER NEWS:-बीकानेर। पश्चिमी राजस्थान में मानसून की कमजोर होती गतिविधियों ने चिंता बढ़ा दी है। बीकानेर में पिछले 15 दिनों से बारिश नहीं होने और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से सितंबर से पहले ही गर्मी और उमस के बीच सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। सावन-भादों के दौरान जहां अच्छी बारिश की उम्मीद रहती है, वहीं इस बार मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ नजर आ रहा है।


मौसम में आए इस बदलाव के पीछे अल नीनो प्रभाव को एक प्रमुख कारण बताया जा रहा है। प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान बढ़ने से वैश्विक वायुमंडलीय परिसंचरण प्रभावित होता है। इसका असर मानसूनी हवाओं पर भी पड़ सकता है, जिससे उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ती हैं।
10 दिन बारिश के आसार कमजोर


मौसम विभाग के आकलन के अनुसार बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों में अगले करीब 10 दिनों तक बारिश का कोई मजबूत सिस्टम बनता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में किसानों और आमजन की चिंता बढ़ गई है। यदि लंबे समय तक बारिश नहीं हुई तो जिले के कई इलाकों में पानी और कृषि से जुड़ी समस्याएं गंभीर हो सकती हैं।
40 डिग्री के पार पहुंचा तापमान
बारिश थमने के साथ बीकानेर में तापमान में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से दिन के समय गर्मी का असर तेज हो गया है। मानसून के मौसम में इस तरह का तापमान लोगों के लिए परेशानी बढ़ा रहा है।
पश्चिमी राजस्थान पर ज्यादा असर


मानसून की कमजोर गतिविधियों का असर उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में देखा जा रहा है। पश्चिमी राजस्थान भौगोलिक रूप से पहले ही कम बारिश वाले क्षेत्रों में शामिल है, ऐसे में मानसूनी गतिविधियों में लंबा ब्रेक स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना सकता है।
फिलहाल बीकानेरवासियों की नजर सितंबर के मौसम पर टिकी है। यदि सितंबर की शुरुआत में कोई मजबूत बारिश का सिस्टम बनता है तो हालात में सुधार की उम्मीद की जा सकती है। लेकिन अगले कुछ दिनों तक बारिश नहीं होने की स्थिति में जल संकट और सूखे की चिंता और गहरा सकती है।

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