सूरतगढ़ थर्मल: तकनीकी कर्मचारियों ने ग्रेड-पे के आधार पर क्वार्टर आवंटन की मांग को लेकर मुख्य अभियंता को सौंपा ज्ञापन

THE BIKANER NEWS:सूरतगढ़। सूरतगढ़ सुपर थर्मल पावर स्टेशन (एसटीपीएस) की आवासीय कॉलोनी में तकनीकी कर्मचारियों को उनके लागू ग्रेड-पे के अनुसार क्वार्टर आवंटित करने की मांग को लेकर शनिवार को डॉ. अम्बेडकर अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण समिति ने मुख्य अभियंता को ज्ञापन सौंपा। समिति ने आवास आवंटन में वर्षों से चली आ रही असमानता को दूर कर नियमों की समान पालना और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है।
समिति के अध्यक्ष बलीराम मेघवाल ने बताया कि आवासीय कॉलोनी में तकनीकी कर्मचारियों के मध्य क्वार्टर आवंटन को लेकर लंबे समय से विसंगतियां बनी हुई हैं। आरोप है कि राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के 1980 के विनियमों की अनदेखी कर समान ग्रेड-पे और समान पात्रता वाले कर्मचारियों के बीच केवल पदनाम अथवा संवर्ग के आधार पर भेदभाव किया जा रहा है। समिति ने इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार का हनन बताया।
ज्ञापन में कोटा थर्मल पावर स्टेशन का उदाहरण देते हुए बताया गया कि वहां वर्ष 2012 में नियुक्त ₹2,400 ग्रेड-पे वाले तकनीकी कर्मचारियों को ‘आर-4’ श्रेणी के क्वार्टर आवंटित किए गए हैं। समिति ने मांग की है कि नियमों में एकरूपता रखते हुए सूरतगढ़ थर्मल में भी इसी तर्ज पर पात्र कर्मचारियों की स्थिति की नियमवार समीक्षा की जाए और उन्हें उनका हक दिया जाए। इससे पूर्व भी 30 अप्रैल और 25 मई 2026 को इस संबंध में प्रशासन को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं।
प्रशासन के समक्ष रखी गई प्रमुख मांगें:
- ₹2,400, ₹2,800 और ₹3,600 ग्रेड-पे वाले तकनीकी कर्मचारियों की आवासीय पात्रता उसी दिन से निर्धारित हो, जिस दिन से उनका ग्रेड-पे प्रभावी हुआ है।
- क्वार्टर आवंटन में पारदर्शिता के लिए आर-1 से आर-4 श्रेणी की लंबित प्रतीक्षा सूची (आवेदकों के नाम व आवेदन तिथि सहित) सार्वजनिक की जाए।
- आर-1 से आर-5 श्रेणी तक के वर्तमान रिक्त क्वार्टरों की अद्यतन सूची उपलब्ध करवाई जाए।
- सीआईएसएफ के अधिकारियों, तीनों विद्यालयों के संस्था प्रधानों और ठेकेदार फर्मों/उनके कर्मचारियों को क्वार्टर आवंटन में दी जा रही प्राथमिकता के नियमों व आदेशों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं।
- ग्रेड-पे के स्थान पर केवल ‘पद’ के आधार पर क्वार्टर आवंटित किए जाने के नियम या प्रावधान को स्पष्ट किया जाए।
समिति ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी अन्य वर्ग के अधिकारों को छीनना नहीं है, बल्कि तकनीकी कर्मचारियों के लिए नियमों की निष्पक्ष और पारदर्शी पालना सुनिश्चित करवाना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ज्ञापन की प्रतिलिपि राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड, जयपुर के सीएमडी (अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक), मुख्य कार्मिक अधिकारी तथा श्रीगंगानगर जिला कलेक्टर को भी प्रेषित की गई है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान समिति अध्यक्ष बलीराम मेघवाल के साथ तकनीकी कर्मचारी लेखराज बिरट, कृष्ण लाल डागला, धनसिंह, लखविंदर सिंह, पूरण मल रैगर, अमरजीत सोलंक एवं जगदीश सहित समिति के अन्य पदाधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।





































