बीकानेर: धनिया और लाल मिर्च की कीमतों में लगी आग, आम आदमी की रसोई का बजट बिगड़ा


THE BIKANER NEWS:-बीकानेर के मसाला बाजार में इन दिनों जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। खराब मौसम, कम स्टॉक और मजबूत निर्यात मांग के कारण धनिया और लाल मिर्च के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे आम आदमी की रसोई का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है। धनिये की कीमतों में 55 से 75% और लाल मिर्च में 65 से 100% तक की भारी वृद्धि दर्ज की गई है।

कीमतों में उछाल के आंकड़े
- धनिया: दो महीने पहले जो धनिया 80-85 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, वह अब बढ़कर 125-150 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है।
- लाल मिर्च: छह महीने पहले 60-125 रुपये प्रति किलो मिलने वाली मिर्च अब 100-250 रुपये तक बिक रही है।
- प्रीमियम क्वालिटी: डंठल तोड़ी हुई प्रीमियम क्वालिटी की लाल मिर्च के दाम तो 350 रुपये प्रति किलो तक जा पहुंचे हैं।
सप्लाई में भारी कमी
मसालों के बड़े कारोबारी बबलू भाई के अनुसार, बीकानेर में लाल मिर्च मुख्य रूप से गुजरात के गोंडल से आती है। पहले वहां से रोजाना करीब 1 लाख बोरी मिर्च की आवक होती थी, जो अब 90% तक घट गई है।
दाम में तेजी आने के 3 प्रमुख कारण:
- बेमौसम बारिश: उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश और खराब मौसम के कारण फसलें चौपट हो गईं, जिससे उत्पादन सीधे तौर पर घटा है।
- कमजोर स्टॉक: मंडियों में आवक घटने से व्यापारियों के पास स्टॉक काफी कमजोर हो गया है।
- अंतरराष्ट्रीय मांग: विदेशी बाजारों में भारतीय मसालों की भारी मांग है। निर्यात बढ़ने से घरेलू बाजार में सप्लाई कम हो गई है।
कैसे तय होते हैं मसालों के दाम?
मसालों की कीमतें मुख्य रूप से चार कारकों पर निर्भर करती हैं:
- मौसम (फसल उत्पादन)
- आवक (मंडियों में सप्लाई)
- निर्यात (विदेशी मांग)
- स्टॉकिंग (व्यापारियों द्वारा स्टॉक रोकने से पैदा होने वाली कृत्रिम कमी)
वर्तमान में इन चारों कारकों का गणित बिगड़ने के कारण ही कीमतों में यह बेतहाशा उछाल आया है।
स्त्रोत(मीडिया रिपोर्ट)





































