जैसलमेर कलेक्टर की SSO आईडी हैक: करोड़ों की धोखाधड़ी की साजिश रचने वाला शातिर हैकर झालावाड़ से गिरफ्तार

THE BIKANER NEWS:-बीकानेर: साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक बड़ी और अहम कार्रवाई करते हुए जैसलमेर कलेक्टर की एसएसओ (SSO) आईडी हैक करने वाले एक शातिर साइबर अपराधी को झालावाड़ से गिरफ्तार किया है। आरोपी सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के करोड़ों रुपये के बजट में सेंधमारी करने की बड़ी फिराक में था।

कैसे रची गई साजिश?
पुलिस अनुसंधान में सामने आया है कि आरोपी ने सबसे पहले अनधिकृत रूप से जैसलमेर कलेक्टर की SSO आईडी में लॉगिन किया। इसके बाद उसने डीओआईटी (DOIT) बीकानेर को एक फर्जी ई-मेल भेजा। इस मेल में उसने शातिराना तरीके से कलेक्टर की आईडी के साथ अपना मोबाइल नंबर लिंक करने का आग्रह किया था।
क्या था मुख्य उद्देश्य?
इस पूरी साजिश का मुख्य लक्ष्य गरीब और आम जनता के हक का पैसा चुराना था। आरोपी की योजना थी कि वह:
- पीएम किसान निधि
- जनआधार पोर्टल
- सोशल सिक्योरिटी पेंशन * आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण पोर्टल्स के जरिए लाभार्थियों को मिलने वाली सरकारी सहायता राशि को सीधे अपने बैंक खाते में डायवर्ट कर ले।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अभिषेक शिवहरे ने एसपी रेवंतदान के निर्देशन में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidences) के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए झालावाड़ के मनोहरथाना इलाके में दबिश दी और आरोपी को सफलतापूर्वक दबोच लिया। फिलहाल आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जहां उससे आगे की पूछताछ जारी है।
पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे
पुलिस पूछताछ में आरोपी की पहचान राहुल कुमार तंवर (निवासी खाती का पुरा, झालावाड़) के रूप में हुई है। आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं:
- पुरानी वारदातें: यह पहली बार नहीं है जब उसने ऐसी वारदात को अंजाम दिया हो। आरोपी ने बताया कि वह इससे पहले भी कई तहसीलदारों और पटवारियों की आईडी हैक कर लाभार्थियों की सूची निकाल चुका है।
- ठगी का तरीका: वह पोर्टल में पात्र किसानों के बैंक खातों की जानकारी हटाकर अपनी बैंक डिटेल फीड कर देता था और सरकारी सहायता राशि डकार जाता था।
- बड़ा मंसूबा: इस बार आरोपी के मंसूबे बहुत बड़े थे। उसने राजस्थान के कई कलेक्टर्स की आईडी को अपना निशाना बनाया था ताकि वह करोड़ों रुपये की भारी-भरकम धोखाधड़ी को अंजाम दे सके।
पुलिस अब इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में राहुल के साथ और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।





































