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कोटगेट-सांखला फाटक विवाद पर हाईकोर्ट सख्त, रेलवे, निगम और बीडीए से मांगा स्पष्ट जवाब

THE BIKANER NEWS:^बीकानेर। शहर की वर्षों पुरानी कोटगेट और सांखला रेलवे फाटक समस्या को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे, नगर निगम बीकानेर और बीकानेर विकास प्राधिकरण (बीडीए) को अपना स्पष्ट और अधिकृत पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश एस.पी. शर्मा और न्यायमूर्ति संदीप पुरोहित की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि सभी संबंधित एजेंसियां अदालत के समक्ष अपना-अपना स्पष्ट रुख रखें, ताकि यह तय किया जा सके कि शहर की इस लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान रेल बाईपास से होगा या अंडरब्रिज/ओवरब्रिज के निर्माण से।


रेलवे से मांगा स्पष्ट जवाब
हाईकोर्ट ने नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के महाप्रबंधक को निर्देश दिए हैं कि उपलब्ध विकल्पों में रेलवे किस योजना को लागू करना चाहती है और उसके पीछे क्या तकनीकी व प्रशासनिक कारण हैं, इसकी विस्तृत जानकारी अदालत के समक्ष पेश की जाए।
बीडीए से भी तलब किया जवाब
खंडपीठ ने बीकानेर विकास प्राधिकरण (बीडीए) के सचिव से पूछा है कि दोनों रेलवे फाटकों की समस्या के समाधान के लिए जिस प्रस्ताव का समर्थन किया गया, उसे किन आधारों पर स्वीकार किया गया था।
नगर निगम के विरोधाभासी रुख पर सवाल


सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि नगर निगम आयुक्त और तकनीकी अधिकारियों का इस मामले में अलग-अलग मत है। इस विरोधाभास पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए निगम को अपना अधिकृत और स्पष्ट पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को तय की है। माना जा रहा है कि संबंधित विभागों के जवाब के बाद शहर की इस बहुप्रतीक्षित समस्या के समाधान की दिशा स्पष्ट हो सकती है।

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