बड़ी खबर:-राजस्थान SI भर्ती परीक्षा-2021 रद्द नए सिरे से आयोजित की जाएगी परीक्षा


THE BIKANER NEWS: –जयपुर/अजमेर: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने राज्य सरकार की सिफारिश के बाद उप निरीक्षक (SI)/प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा-2021 को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। अब यह परीक्षा नए सिरे से आयोजित की जाएगी। आयोग के अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू ने स्पष्ट किया है कि इस परीक्षा में नए आवेदकों को मौका नहीं मिलेगा।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा चयनित अभ्यर्थियों की याचिका खारिज किए जाने के बाद आयोग ने नई परीक्षा का रोडमैप जारी कर दिया है।
पुनः परीक्षा से जुड़ी मुख्य बातें:
- सिर्फ पुराने अभ्यर्थियों को मौका: दोबारा होने वाली परीक्षा में केवल वही 3 लाख 83 हजार 097 अभ्यर्थी बैठ सकेंगे, जो 13 से 15 सितंबर 2021 को आयोजित हुई मूल लिखित परीक्षा के दोनों प्रश्न पत्रों में शामिल हुए थे।
- संभावित तिथि: परीक्षा का आयोजन सितंबर 2026 में होना संभावित है।
- पात्रता की शर्तों में कोई बदलाव नहीं: अभ्यर्थियों की आयु, आरक्षण और शैक्षणिक योग्यता का निर्धारण उनके 2021 के आवेदन के समय की स्थिति के आधार पर ही किया जाएगा। इसमें कोई छूट या बदलाव मान्य नहीं होगा।
आवेदन संशोधन प्रक्रिया (16 मई से 30 मई 2026)
आयोग ने पुराने अभ्यर्थियों को उनके आवेदन पत्रों को अपडेट करने का अवसर दिया है। यह प्रक्रिया 16 मई से शुरू होकर 30 मई 2026 तक चलेगी।
संशोधन के नियम और जरूरी निर्देश:
- क्या अपडेट कर सकते हैं: अभ्यर्थी अपना मोबाइल नंबर, ईमेल एड्रेस और पत्राचार का पता अपडेट कर सकते हैं।
- OTR और KYC अनिवार्य: किसी भी संशोधन से पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) में KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यदि SSO ID बदल गई है, तो ‘फैच एप्लीकेशन फॉर्म’ से पुराना डेटा ट्रांसफर करना होगा।
- संशोधन न होने पर भी यह करना है अनिवार्य: यदि अभ्यर्थी को कोई भी संशोधन नहीं करना है, तब भी उसे अपना आवेदन ‘एडिट मोड’ में खोलना होगा। वहां उसे संशोधन न होने की घोषणा करनी होगी और OTR के लाइव फोटो, सिग्नेचर व अंगूठे के निशान के इस्तेमाल के लिए सहमति देनी होगी।
- OTP वेरिफिकेशन: अंतिम चरण में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP दर्ज करके फॉर्म को फाइनल सबमिट करना होगा। ऐसा न करने पर आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा- “पूरा पानी फेंकना पड़ता है”
इस भर्ती को रद्द करने का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 28 अगस्त 2025 को और डिवीजन बेंच ने 4 अप्रैल 2026 को भर्ती रद्द करने का फैसला सुनाया था।
हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ ट्रेनी SI (चयनित अभ्यर्थी) सुप्रीम कोर्ट गए थे। लेकिन, 4 मई 2026 को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने यह कहते हुए स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) खारिज कर दी कि— “पानी के गिलास से 2-3 बूंद जहर अलग नहीं कर सकते, पूरा पानी फेंकना पड़ता है।” इस टिप्पणी के साथ ही यह साफ हो गया कि पूरी भर्ती प्रक्रिया दूषित थी, इसलिए इसे पूर्ण रूप से रद्द ही माना जाएगा।





































