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बीकानेर में 6 महीने बाद सुलझी पति की मौत की गुत्थी; रोज की मारपीट से तंग आकर पत्नी ने ही चादर से घोंटा था गला, फिर लगा दी थी आग

THE BIKANER NEWS:-बीकानेरबीकानेर के खाजूवाला थाना क्षेत्र में पुलिस ने 6 महीने पुराने एक अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस ने खुलासा किया है कि युवक की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी। इस मामले में मृतक की पत्नी को ही गिरफ्तार किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

घटना खाजूवाला के चक 13 डीकेडी की है। 11 अगस्त 2025 को पुलिस को सूचना मिली थी कि राजकुमार बाजीगर नाम के युवक का शव जला हुआ मिला है। उस समय इसे आग लगने से हुई आकस्मिक मौत माना जा रहा था। पत्नी ने ही सुबह पिता और पुलिस को पति की मौत की सूचना दी थी।

पिता ने जताया था शक

घटना के बाद मृतक राजकुमार के पिता पप्पूराम ने अपने बेटे की मौत पर संदेह जताते हुए खाजूवाला थाने में मामला दर्ज करवाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच बीकानेर के नयाशहर थाना प्रभारी सुश्री कविता पूनिया और श्रीमती कौशल्या को सौंपी गई।

मनोवैज्ञानिक तरीके से हुई पूछताछ तो टूट गई पत्नी

पुलिस टीम और एफएसएल (FSL) ने जब घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, तो साक्ष्य सामान्य परिस्थितियों से अलग मिले। शक की सुई मृतक की पत्नी श्रीमती वीरपाल कौर पर गई।

​जांच अधिकारी कविता पूनिया, हेड कांस्टेबल कौशल्या और एएसआई रामकुमार ने एक प्रश्नावली तैयार कर आरोपी पत्नी से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ शुरू की। पहले तो वह जवाबों में घुमाती रही, लेकिन अंत में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

खौफनाक खुलासा: बेड पर ही घोंटा गला

आरोपी पत्नी वीरपाल कौर ने कबूला कि उसका पति राजकुमार उसके साथ रोजाना मारपीट करता था। इस प्रताड़ना से तंग आकर उसने पति से हमेशा के लिए पीछा छुड़ाने की योजना बनाई।

  • ​उसने बेड पर बिछी चादर से ही पति का मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी।
  • ​हत्या को हादसा दिखाने के लिए कमरे में रखी अलमारी में आग लगा दी।
  • ​इसके बाद वह कमरे को बाहर से बंद कर महेंद्र बाजीगर की ढाणी चली गई और सुबह वापस आकर ड्रामा रचा।

पुलिस टीम की भूमिका

इस पर्दाफाश में पुलिस उप अधीक्षक (महिला अपराध सेल) संजीव चौहान, नयाशहर थानाधिकारी कविता पूनिया, महिला थानाधिकारी विशु वर्मा, एएसआई राम कुमार, हेड कांस्टेबल कौशल्या और भगवान सिंह की विशेष भूमिका रही। आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

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