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बेसिक पी.जी. कॉलेज में “पुस्तकों से प्रयोगशाला तक’’ विज्ञान कार्यशाला का सफल आयोजन, विद्यार्थियों ने प्रयोगों के माध्यम से समझें विज्ञान के सिद्धान्त

THE BIKANER NEWS:-बीकानेर:^विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, प्रयोगात्मक कौशल, तार्किक चिंतन एवं नवाचार की भावना विकसित करने के उद्देश्य से बेसिक पी.जी. महाविद्यालय की इनोवेशन सेल द्वारा आज ‘‘पुस्तकीय ज्ञान से प्रयोगशाला एवं नवाचार की ओर’’ का सफल एवं प्रभावशाली आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों की कक्षा 12 विज्ञान वर्ग के चयनित टॉप 5 मेधावी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सुरेश पुरोहित ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर विज्ञान को प्रयोग, अवलोकन एवं अनुभव के माध्यम से समझने का अवसर प्रदान करना था। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों एवं गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया तथा विज्ञान की अवधारणाओं को व्यवहारिक एवं प्रयोगात्मक रूप में समझा।
इनोवेशन सेल एवं इस वर्कशॉप के समन्वयक डॉ. रश्मि आचार्य एवं श्री पवन चौधरी ने कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को भौतिक विज्ञान एवं प्रयोगात्मक विज्ञान से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रयोगात्मक गतिविधियों से परिचित कराया। विद्यार्थियों ने स्वयं प्रयोग किए, उनके परिणामों का अवलोकन किया तथा वैज्ञानिक तथ्यों के पीछे कार्य करने वाले सिद्धांतों को समझने का प्रयास किया। कार्यक्रम की विशेषता विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता एवं जिज्ञासा रही। विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रयोगों के संबंध में उत्सुकतापूर्वक प्रश्न पूछे और विशेषज्ञों एवं विषय शिक्षकों से उनके उत्तर प्राप्त किए। इससे विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि के साथ-साथ आलोचनात्मक सोच, समस्या-समाधान और प्रायोगिक शिक्षा की भावना भी विकसित हुई।
इस अवसर पर महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री रामजी व्यास ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा की चारदीवारी और पुस्तकीय ज्ञान से आगे ले जाकर विज्ञान की वास्तविक दुनिया से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी किसी वैज्ञानिक सिद्धांत को स्वयं प्रयोग करके देखते हैं, तो उनकी समझ अधिक स्थायी और प्रभावी बनती है। श्री व्यास ने कहा कि “विद्यार्थियों की जिज्ञासा ही नवाचार की पहली सीढ़ी है। हमारा प्रयास है कि उनके मन में उठने वाले ‘क्यों’ और ‘कैसे’ जैसे प्रश्नों को प्रयोग एवं अनुसंधान की दिशा मिले।” उन्होंने कार्यशाला में उत्साहपूर्वक सहभागिता करने वाले सभी विद्यार्थियों एवं विद्यालयों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर उपस्थित विद्यालयों से पधारे शिक्षकों एवं अभिभावकों ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यालयी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा के बीच एक प्रभावी शैक्षणिक सेतु का कार्य करते हैं। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को महाविद्यालय की प्रयोगशालाओं एवं शैक्षणिक वातावरण से परिचित होने का अवसर मिलने से उनमें उच्च शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विज्ञान में आगे की शिक्षा एवं अनुसंधान की संभावनाओं के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई तथा उन्हें प्रश्न पूछने, नए प्रयोग करने और समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यशाला में शामिल विद्यार्थियों ने प्रयोगात्मक गतिविधियों को अत्यंत रोचक एवं ज्ञानवर्धक बताया। विद्यार्थियों का कहना था कि कक्षा में पढ़े गए वैज्ञानिक सिद्धांतों को स्वयं प्रयोग करके देखने से विषय को समझने में आसानी हुई तथा विज्ञान के प्रति उनकी जिज्ञासा और अधिक बढ़ी। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि विज्ञान केवल पुस्तकों में पढ़े जाने वाले तथ्यों का विषय नहीं, बल्कि प्रश्न, प्रयोग, अवलोकन और खोज की निरंतर प्रक्रिया है।
इनोवेशन सेल द्वारा आयोजित इस कार्यशाला को विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, प्रयोगात्मक दक्षता एवं नवाचार की संस्कृति विकसित करने की दिशा में एक सार्थक पहल माना गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाविद्यालय प्रशासन, इनोवेशन सेल, संबंधित शिक्षकों एवं सहयोगी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। महाविद्यालय प्रशासन ने सभी प्रतिभागी विद्यालयों, विद्यार्थियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार के नवाचारपरक एवं प्रयोगात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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