बड़ी खबर:- मतदान से पहले भाजपा का दबदबा, दो वार्डों में निर्विरोध जीत! वार्ड 26 में कांग्रेस प्रत्याशी का पर्चा खारिज!

THE BIKANER NEWS:^बीकानेर। बीकानेर नगर निकाय एवं उपचुनावों में नामांकन पत्रों की संवीक्षा के बाद चुनावी तस्वीर तेजी से बदल गई है। मतदान से पहले ही भाजपा ने दो वार्डों में निर्विरोध जीत दर्ज कर बढ़त बना ली है। वहीं वार्ड 26 में कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध दर्ज करवाने की जानकारी मिल रही है,
वार्ड 69 में भाजपा की लीला गहलोत निर्विरोध
बीकानेर नगर निगम के वार्ड संख्या 69 में भाजपा प्रत्याशी लीला गहलोत का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। संवीक्षा के दौरान कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी के नामांकन पत्र खारिज होने के बाद मैदान में केवल लीला गहलोत का वैध नामांकन रह गया।
चुनाव प्रभारी महावीर राज सैनी ने निर्विरोध निर्वाचन की पुष्टि करते हुए इसे संगठन की बड़ी उपलब्धि बताया।
नापासर वार्ड 20 में किशन दैया भी निर्विरोध
नापासर नगर पालिका के वार्ड 20 में भी भाजपा प्रत्याशी किशन दैया निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। इसके साथ ही इस वार्ड में चुनावी मुकाबला समाप्त हो गया।
भाजपा देहात जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया ने किशन दैया को बधाई देते हुए इसे संगठन की मजबूती और जनता के विश्वास का परिणाम बताया। जीत की घोषणा के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटकर खुशी जताई।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वार्ड 26 में कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप भाटी का नामांकन खारिज की भी जानकारी मिल रही है,हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होनी अभी बाकी है, वार्ड 26 में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप भाटी का नामांकन कानूनी कार्रवाई से जुड़े मामलों के चलते निरस्त कर दिया गया।
नामांकन खारिज होने की सूचना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और निर्वाचन अधिकारी के फैसले पर विरोध दर्ज कराया।
मदन गोपाल मेघवाल ने प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता कर नामांकन खारिज किए जाने के फैसले पर आपत्ति जताई। अब इस मामले में आगे की प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।
मतदान से पहले बदले चुनावी समीकरण
नामांकन की संवीक्षा के बाद बीकानेर निकाय चुनाव में भाजपा को जहां दो वार्डों में निर्विरोध जीत का फायदा मिला है, वहीं कांग्रेस के लिए वार्ड 26 में नामांकन खारिज होना बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। अब चुनावी मैदान में शेष प्रत्याशियों के बीच मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।





































