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बीकानेर जेल में नशे की खेप पहुंचाने की कोशिश नाकाम: लोअर की सिलाई में छिपाकर लाई गईं 59 नशीली गोलियां बरामद

THE BIKANER NEWS:;बीकानेर। बीकानेर जेल में एक विचाराधीन कैदी को नशीली गोलियां सप्लाई करने की बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने एक मुलाकाती को गिरफ्तार किया है, जो कपड़ों की सिलाई में छिपाकर 59 नशीली गोलियां जेल के अंदर ले जाने की कोशिश कर रहा था।

क्या है पूरा मामला:

जानकारी के अनुसार, पंजाब के होशियारपुर का रहने वाला विचाराधीन बंदी जसवीर सिंह उर्फ मोमी उर्फ बॉस 1 अगस्त, 2024 से एनडीपीएस (NDPS) के एक मामले में बीकानेर जेल में बंद है। 1 अगस्त को ही पंजाब के मोगा का निवासी जोरा सिंह जसवीर सिंह से मुलाकात करने और उसे कपड़े देने के बहाने बीकानेर जेल पहुंचा।

सिलाई में छिपाया था नशा:

जोरा सिंह बंदी जसवीर के लिए दो लोअर (पायजामा) लेकर आया था। उसने बड़ी चालाकी से इन दोनों लोअर की सिलाई के अंदर 59 गोलियां छिपा रखी थीं।

कांस्टेबल की मुस्तैदी से हुआ खुलासा:

जब जोरा सिंह जेल के मुख्य द्वार (मेन गेट) पर पहुंचा, तो वहां तैनात आरएसी (RAC) के कांस्टेबल बुधराम ने नियमानुसार चेकिंग शुरू की। चेकिंग के दौरान कांस्टेबल को लोअर की सिलाई कुछ संदिग्ध लगी। शक होने पर जब सिलाई खोलकर बारीकी से तलाशी ली गई, तो उसमें से 59 गोलियां बरामद हुईं।

एफएसएल (FSL) रिपोर्ट और पुलिस की कार्रवाई:

पुलिस ने तुरंत दोनों लोअर और बरामद गोलियों को जब्त कर लिया। इसके बाद गोलियों की प्रकृति जानने के लिए उन्हें एफएसएल (FSL) जांच के लिए भेजा गया। अब एफएसएल की रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हो गई है कि बरामद की गई सभी 59 गोलियां नशीली थीं।

​रिपोर्ट आने के बाद बीछवाल थाना पुलिस ने कड़ा कदम उठाते हुए दोनों आरोपियों—बंदी जसवीर सिंह और मुलाकाती जोरा सिंह—के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत नया मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस मामले की आगे की जांच कर रही है कि आखिर ये नशीली गोलियां कहां से लाई गई थीं और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।

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