बीकानेर: हल्दीराम प्याऊ से जयपुर बाईपास तक बनेगा फोरलेन,परियोजना पर 24 करोड़ 2 लाख 63 हजार 281 रुपये खर्च किए जाएंगे। हादसों में आएगी कमी

THE BIKANER NEWS:-बीकानेर। शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील प्रवेश मार्गों में शामिल राष्ट्रीय राजमार्ग-11 (जयपुर हाईवे) पर अब सफर ज्यादा सुगम और सुरक्षित होने की उम्मीद है। हल्दीराम प्याऊ से जयपुर बाईपास चौराहे तक करीब 4 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोरलेन किया जाएगा। यह मार्ग किमी 553.800 से किमी 557.775 तक है। परियोजना पर 24 करोड़ 2 लाख 63 हजार 281 रुपये खर्च किए जाएंगे।
हादसों और यातायात दबाव को देखते हुए फैसला
इस मार्ग पर दोनों ओर रिहायशी कॉलोनियां, वैष्णोधाम, खाटू श्याम मंदिर, अस्पताल, पेट्रोल पंप, मैरिज गार्डन और होटल-ढाबे स्थित हैं। मौजूदा समय में यह पक्के शोल्डर वाली दो-लेन सड़क है। भारी वाहनों, बसों और स्थानीय यातायात के दबाव के चलते यहां जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
खाटू श्याम मंदिर के पास दो बड़े एक्सीडेंट जोन भी चिन्हित हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में 4, 2024 में 7, 2025 में 4 और वर्ष 2026 में अब तक 1 व्यक्ति की मौत इस मार्ग पर हादसों में हुई है। पुलिस और सड़क सुरक्षा एजेंसियों के प्रस्तावों तथा बढ़ते हादसों को देखते हुए मार्ग को फोरलेन करने का निर्णय लिया गया है।
ऐसा होगा नया फोरलेन
नए फोरलेन हाईवे के बीच में 1.2 मीटर चौड़ा डिवाइडर बनाया जाएगा। दोनों दिशाओं में मुख्य सड़क की चौड़ाई 8.5-8.5 मीटर रखी जाएगी। सड़क के दोनों बाहरी किनारों पर आपात स्थिति में वाहनों को खड़ा करने के लिए 1.5 मीटर चौड़ा शोल्डर बनाया जाएगा।
रात में बेहतर दृश्यता और सुरक्षा के लिए करीब 4 किलोमीटर क्षेत्र में आधुनिक स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। डिवाइडर और प्रकाश व्यवस्था से आमने-सामने की टक्कर की आशंका को कम करने में मदद मिलेगी।
सर्विस रोड और नालियों का भी होगा निर्माण
आबादी वाले हिस्सों में स्थानीय यातायात को मुख्य हाईवे से अलग रखने के लिए सर्विस रोड बनाई जाएगी। इसके साथ ही बारिश के पानी की निकासी के लिए दोनों ओर पक्की नालियों का निर्माण किया जाएगा।
अगले 15-20 साल के यातायात को ध्यान में रखकर डिजाइन
परियोजना का डिजाइन आगामी 15 से 20 वर्षों के संभावित यातायात दबाव को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। तकनीकी मानकों के अनुसार जब किसी दो-लेन सड़क पर दैनिक यातायात 10 हजार से 15 हजार पैसेंजर कार यूनिट (PCU) से अधिक हो जाता है, तो उसे फोरलेन में बदलने की आवश्यकता मानी जाती है।
फोरलेन बनने के बाद जयपुर की ओर से बीकानेर आने वाले वाहनों को बेहतर, सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है।





































