बीकानेर: मेयर चुनाव से पहले सियासी उबाल, मतदान रोकने की आशंका पर अधिवक्ताओं की आत्मदाह की चेतावनी






THE BIKANER NEWS:-बीकानेर। नगर निगम महापौर चुनाव से ठीक पहले बीकानेर की सियासत में एक नया विवाद सामने आया है। कांग्रेसी पार्षदों को मतदान से रोकने की आशंका जताते हुए कुछ अधिवक्ताओं ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि पार्षदों को उनके मताधिकार का इस्तेमाल करने से रोका गया तो वे सोमवार सुबह नगर निगम कार्यालय के सामने आत्मदाह करेंगे।
महापौर चुनाव को लेकर पहले से ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों में कांग्रेस ने 42 सीटें जीती हैं। महापौर पद के लिए कांग्रेस ने अनिल कल्ला को अधिकृत प्रत्याशी बनाया है, जबकि भाजपा की ओर से सुरेंद्र सिंह शेखावत मैदान में हैं। कांग्रेस के नवरतन डागा ने निर्दलीय नामांकन दाखिल किया था, लेकिन बाद में अपना पर्चा वापस ले लिया।
मनोज बिश्नोई ने दी जानकारी
कांग्रेसी पार्षद मनोज बिश्नोई के अनुसार, अधिवक्ताओं ने संयुक्त बयान जारी कर प्रशासन और सत्ता पक्ष पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बताया गया है कि एडवोकेट संतोष बिश्नोई, अनिल पूनिया, पुष्पेंद्र खत्री, पुष्पा चौधरी और संतोष बिनावर ने चेतावनी दी है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा आने पर वे इसका विरोध करेंगे।
क्या हैं अधिवक्ताओं के आरोप?
अधिवक्ताओं का आरोप है कि महापौर चुनाव में सत्ता और प्रशासन का दुरुपयोग किया जा रहा है तथा विपक्षी पार्षदों को मतदान से रोकने का प्रयास किया जा सकता है। उनका कहना है कि सभी निर्वाचित पार्षदों को बिना किसी दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करने दिया जाना चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने की मांग की है।
चुनाव से पहले बढ़ा तनाव
महापौर चुनाव से पहले कांग्रेस पार्षद मनोज बिश्नोई को बीकानेर विकास प्राधिकरण की ओर से अंतिम नोटिस दिए जाने के बाद भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हुए थे। बिश्नोई ने इस कार्रवाई को चुनाव से जोड़कर सवाल उठाए, जबकि नोटिस में होटल से संबंधित दस्तावेज और नियमों के उल्लंघन का मामला बताया गया था।
अब अधिवक्ताओं की आत्मदाह की चेतावनी के बाद सोमवार को होने वाले महापौर चुनाव से पहले प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था की चुनौती बढ़ गई है। आत्मदाह की चेतावनी संबंधी दावे अधिवक्ताओं के बताए बयान पर आधारित हैं।





































