पीबीएम से बड़ी खबर: एक और प्रसूता की मौत, अस्पताल फिर सवालों के घेरे में

संभाग के सबसे बड़े अस्पताल पीबीएम अस्पताल से एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है। करीब 40 दिनों तक जीवन के लिए संघर्ष करने के बाद प्रसूता कमला की मौत हो गई। इसके साथ ही हाल के दिनों में पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की मौत का आंकड़ा बढ़कर चार हो गया है।

गौरतलब है कि कुछ समय पहले पीबीएम अस्पताल में आधा दर्जन प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया था, जिसके बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और कथित लापरवाही को लेकर व्यापक विवाद हुआ। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भी पीबीएम अस्पताल में अव्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार के विरोध में आंदोलन चलाया था।
जानकारी के अनुसार, आंदोलन के दौरान दो प्रसूताओं की मेडिसिन आईसीयू में और एक प्रसूता की गायनी विभाग में मौत हो चुकी थी। अब मेडिसिन आईसीयू में भर्ती कमला ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस प्रकार अब तक इस प्रकरण में चार प्रसूताओं की मौत हो चुकी है, जिनमें तीन मेडिसिन आईसीयू और एक गायनी विभाग में हुई है।
एस.पी. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि कमला की यह तीसरी डिलीवरी थी। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों ने उसे बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। डॉक्टरों के अनुसार महिला पहले से ही कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित थी, जिसके कारण उपचार के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।इस घटना के बाद एक बार फिर पीबीएम अस्पताल की व्यवस्थाओं और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज का इलाज चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया और उसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए गए।




































