बदमाशों के हौसले बुलंद: ट्रोमा सेंटर में हथियारों के साथ पहुंचे संदिग्ध, भाग निकले आरोपी

बीकानेर। शहर में लगातार बढ़ रही फायरिंग, मारपीट और गैंगवार जैसी घटनाओं ने आमजन की चिंता बढ़ा दी है। बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान भी सुरक्षित नजर नहीं आ रहे।

बुधवार देर रात पीबीएम अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में हुई एक घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।जानकारी के अनुसार मुक्ताप्रसाद थाना क्षेत्र की रामपुरा बस्ती स्थित गली नंबर 18 में सोमवार को लेनदेन के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच फायरिंग हुई थी। इस घटना में मुकेश विश्नोई नामक युवक के पैर में गोली लग गई थी, जिसे उपचार के लिए पीबीएम अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में भर्ती करवाया गया था।बताया जा रहा है कि बुधवार देर रात कुछ संदिग्ध युवक ट्रोमा सेंटर में पहुंचे और घायल युवक तक पहुंचने की कोशिश करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवकों के पास हथियार भी थे, जिससे वहां मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में दहशत का माहौल बन गया।वार्ड में तैनात पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो उन्होंने तत्काल पूछताछ शुरू कर दी। खुद को घिरता देख सभी संदिग्ध मौके से भाग निकले। सुरक्षाकर्मियों ने उनका पीछा भी किया, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर वे फरार होने में सफल रहे।घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों के साथ दो थानों की टीमें मौके पर पहुंचीं और ट्रोमा सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया।एहतियात के तौर पर घायल मुकेश विश्नोई को दूसरे सुरक्षित वार्ड में शिफ्ट किया गया है। फिलहाल पुलिस अस्पताल परिसर और ट्रोमा सेंटर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि संदिग्ध युवकों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके।इस घटना के बाद शहर में कानून व्यवस्था और अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आमजन का कहना है कि यदि अस्पताल जैसे स्थानों में भी अपराधियों का खौफ पहुंचने लगे, तो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीरता से पुनर्विचार की आवश्यकता है।





































