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बीकानेर:पूर्व कैबिनेट मंत्री के वायरल वीडियो मामले ने पकड़ा तूल,बताया ‘एडिटेड’ थाने में शिकायत दर्ज

THE BIKANER NEWS:-बीकानेर (छतरगढ़): राजस्थान के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ नेता गोविंदराम मेघवाल की राजनीतिक छवि धूमिल करने और समाज में जातिगत द्वेष फैलाने के उद्देश्य से एक ‘एडिटेड’ (छेड़छाड़ किया हुआ) वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में शनिवार, 28 मार्च 2026 को बीकानेर जिले के छतरगढ़ पुलिस थाने में एक लिखित शिकायत देकर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता जेठाराम मेघवाल (निवासी गांव कंराला, तहसील पूगल) द्वारा छतरगढ़ थानाधिकारी को दी गई रिपोर्ट के अनुसार घटना 25 मार्च की है:

  • जागरण का आयोजन: 25 मार्च 2026 को जेठाराम के निवास (गांव कंराला) पर एक ‘जागरण’ का कार्यक्रम रखा गया था।
  • मुख्य अतिथि: इस कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंदराम मेघवाल मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। कार्यक्रम में करीब 4 से 5 हजार प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।
  • चुपके से रिकॉर्डिंग: आरोप है कि जब गोविंदराम मेघवाल कार्यक्रम में पहुंचे और भोजन प्रसादी का दौर चल रहा था, तब किसी अज्ञात व्यक्ति ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से घर में चोरी-छिपे घुसकर पारिवारिक बातचीत की वीडियो और ऑडियो रिकॉर्ड कर ली।
  • चुनावी साजिश और एडिटिंग: इसके बाद उस वीडियो/ऑडियो में कटिंग और एडिटिंग करके उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया। शिकायतकर्ता का स्पष्ट आरोप है कि यह कृत्य आगामी पंचायती राज चुनावों के मद्देनजर समाज के नेता गोविंदराम मेघवाल को बदनाम करने और समाज में आपसी फूट व जातिगत वैमनस्य पैदा करने की नीयत से किया गया है।

निजता का हनन (Breach of Privacy)

प्रार्थना पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि बिना अनुमति घर में घुसकर पारिवारिक वार्तालाप का वीडियो बनाना निजता के अधिकार का खुला उल्लंघन है। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि इस तरह के कृत्य (ऑडियो एडिट कर वायरल करना) पूर्व में भी पार्टी और समाज में फूट डालने के लिए किए जा चुके हैं, जो कि एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

पुलिस से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग

प्रार्थी जेठाराम पुत्र रामप्रकाश ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे षड्यंत्र के पीछे शामिल अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पत्र पर छतरगढ़ पुलिस स्टेशन की मुहर (दिनांक 28/03/26) मौजूद है, जो यह पुष्टि करती है कि पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर ली है और अब इस मामले में आगे की जांच की जाएगी।

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