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बीकानेर: तड़पती नीलगाय के इलाज में वन विभाग की घोर लापरवाही,अभद्रता का आरोप,थाने पहुंचा मामला

THE BIKANER NEWS:-बीकानेर | घायल वन्यजीवों की रक्षा के दावे करने वाले वन विभाग की एक बड़ी लापरवाही और अमानवीय रवैया सामने आया है। कोलायत से रेस्क्यू कर बीकानेर चिड़ियाघर (वन विभाग) लाई गई एक गंभीर रूप से घायल नीलगाय पिछले 10 घंटों से तड़प रही है। युवा गौ सेवा समिति का आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारियों ने न केवल नीलगाय का उचित इलाज करने से मना कर दिया, बल्कि जानकारी मांगने पर समिति के सदस्यों और पत्रकारों के साथ गाली-गलौज और अभद्रता भी की। इस संबंध में समिति ने बीकानेर थानाधिकारी को लिखित शिकायत देकर उचित कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

युवा गौ सेवा समिति, गंगाशहर (बीकानेर) के अध्यक्ष धनपत मारू और कोषाध्यक्ष पूनम सिंह द्वारा दी गई पुलिस शिकायत के अनुसार, मंगलवार (31 मई) को समिति को सूचना मिली थी कि कोलायत गांव में एक नीलगाय घायल अवस्था में है। नीलगाय का आगे का पैर बुरी तरह टूट चुका था।

​सूचना मिलते ही समिति की टीम अपनी एम्बुलेंस लेकर तुरंत कोलायत पहुंची और घायल नीलगाय को रेस्क्यू कर बीकानेर वन विभाग के चिड़ियाघर लेकर आई। समिति के अनुसार, शुरुआत में वन विभाग के कर्मचारियों ने आश्वस्त किया था कि वे तुरंत इसका इलाज करेंगे।

डॉक्टर ने दी पैर काटने की सलाह, वन विभाग ने खड़े किए हाथ

शिकायत में बताया गया है कि नीलगाय के पैर में मल्टीपल फ्रैक्चर (Multiple Fractures) हैं। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार, संक्रमण और जान के खतरे को देखते हुए पैर को तुरंत काटना (Remove करना) आवश्यक था। लेकिन वन विभाग के अधिकारियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उनके पास ऐसी कोई सुविधा नहीं है और वे केवल प्राथमिक उपचार ही दे सकते हैं।

जानकारी मांगने पर की गई अभद्रता

समिति का आरोप है कि शाम को जब उन्होंने नीलगाय की स्थिति जानने के लिए वन विभाग को फोन किया, तो कर्मचारियों ने कोई भी जानकारी देने से साफ़ इंकार कर दिया। करीब 10 घंटों से बेजुबान जीव तड़प रहा था। जब समिति के सदस्यों ने वहां जाकर बात करने की कोशिश की, तो कर्मचारियों ने उनके साथ और वहां मौजूद एक पत्रकार के साथ अभद्रता की।

पुलिस से की गई कार्रवाई की मांग

इस पूरे घटनाक्रम और वन विभाग के अमानवीय रवैये से आक्रोशित युवा गौ सेवा समिति ने बीकानेर पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। समिति ने पुलिस प्रशासन से नम्र निवेदन किया है कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने और आमजनों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उस बेजुबान जीव को न्याय और उचित इलाज मिल सके।

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