57 वर्षों से रामदेवरा पैदल यात्रियों की सेवा में जुटा श्री रामदेव मित्र मंडल, कोलकाता






THE BIKANER NEWS:-बीकानेर। श्री रामदेव मित्र मंडल, कोलकाता की ओर से बीकानेर से रामदेवरा जाने वाले पैदल यात्रियों की सेवा का सिलसिला इस वर्ष भी जारी रहा। मंडल पिछले 57 वर्षों से लगातार पैदल मार्ग पर यात्रियों के लिए निशुल्क चाय, नाश्ता, भोजन, आवास और चिकित्सा जैसी सेवाएं उपलब्ध कराता आ रहा है।
इस वर्ष मंडल की ओर से 10 सितंबर को बीकानेर से रवाना हुए पैदल यात्रियों के लिए दियातरा, कान जी की सीड और डाली बाई मंदिर से पहले देरानी-जेठानी सहित विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविर लगाए गए। तीनों स्थानों पर तीन-तीन दिनों तक यात्रियों के लिए सेवा व्यवस्था की गई।
तीन स्थानों पर लगाए सेवा शिविर
मंडल के कार्यकर्ताओं ने पैदल यात्रियों के लिए भोजन, नाश्ता, चाय और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की। मेले में इस बार भारी भीड़ के बावजूद कार्यकर्ताओं ने पूरी मेहनत और समर्पण के साथ सेवा कार्य को सफल बनाया।
रामदेवरा स्थित मंडल की धर्मशाला में ठहरने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए भी 21 सितंबर 2026, सोमवार (दशमी महोत्सव) तक निशुल्क चाय, नाश्ता और भोजन की व्यवस्था जारी रहेगी। दशमी के अवसर पर धर्मशाला में कड़ाई का प्रसाद भी किया जाएगा।
कोलकाता से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने संभाली जिम्मेदारी
सेवा कार्य में कोलकाता से बद्री दास व्यास, सुशील मोहता, राजकुमार मोहता, अशोक व्यास, दामू व्यास, मनोज ओझा, जगदीश हर्ष, दीपक मोहता, दाऊ बिसा, मनीष रंगा, रमेश व्यास, किशन कटारिया, अनिल व्यास, विनय पुरोहित सहित कई कार्यकर्ताओं ने सेवाएं दीं।
वहीं बीकानेर से बलदेव जी व्यास, मनोज रंगा, अनंत पाल राणा, हीरा लाल, केशू जी पुरोहित, गणेश आचार्य, रामजी आचार्य, सुरेंद्र जी व्यास, विशाल सेवन, पुनीत, योगेंद्र, सोनू और रमेश पुरोहित सहित कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया। भुवनेश्वर से आनंद जी पुरोहित भी सेवा कार्य में शामिल हुए।
जन नेता स्पन बर्मन भी पहुंचे
सेवा शिविरों के दौरान कोलकाता से जन नेता स्पन बर्मन अपनी टीम के साथ पहुंचे और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। मंडल की ओर से बताया गया कि सभी शिविर अध्यक्ष अनिल जी और सचिव पूनम रंगा के मार्गदर्शन में संचालित किए गए।
रामदेवरा स्थित धर्मशाला में इस बार गिरिराज जी व्यास और मनोज सोनी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मंडल ने सेवा कार्य को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी कार्यकर्ताओं और चंदादाताओं का आभार जताया है।
57 वर्षों से जारी यह सेवा परंपरा पैदल रामदेवरा यात्रियों के लिए मार्ग में सहारा और सहयोग का महत्वपूर्ण माध्यम बनी हुई है।





































