कोलकाता के वैकुंठ नाथ मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य समापन, साक्षात दर्शन की अनुभूति कर भावुक हुए महाराज श्री


Kolkata news:-कोलकाता: बड़ाबाज़ार के काली कृष्णा टैगोर स्ट्रीट स्थित ऐतिहासिक श्री वैकुंठ नाथ मंदिर में पिछले सात दिनों से चल रही अध्यात्म और भक्ति की अविरल रसधार का रविवार, 7 जून को श्रद्धा और उल्लास के साथ समापन हो गया।
’श्री राधे सत्संग परिवार’ एवं ‘महिला विकास मंच’ के संयुक्त तत्वावधान में 1 जून से शुरू हुए इस संगीतमय ‘श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ’ के विश्राम दिवस पर मुख्य पंडाल में विशेष धार्मिक अनुष्ठान, हवन और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस सात दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान में पूरे बड़ाबाज़ार और आस-पास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े, जिससे संपूर्ण मंदिर परिसर “जय श्री कृष्ण” और “राधे-राधे” के जयकारों से गुंजायमान रहा।
महाराज श्री हुए भावुक, बोले- साक्षात वैकुंठ नाथ ने दिए दर्शन
प्रतिदिन दोपहर 1:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक सुप्रसिद्ध कथा व्यास परम पूज्य पं. मनीष पुरोहित जी महाराज ने अपने श्रीमुख से उपस्थित श्रद्धालुओं को भागवत कथा का रसपान कराया। कथा विश्राम के इस पावन अवसर पर महाराज श्री अत्यंत भावुक नजर आए।
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “मैं कई वर्षों से देश के कोने-कोने में श्रीमद्भागवत कथा का वाचन कर रहा हूँ, लेकिन आज श्री वैकुंठ नाथ जी के दरबार में कथा विश्राम पर जो अलौकिक अनुभूति हुई, वह अविस्मरणीय है। आज जब पूर्णाहूति के बाद श्री भागवत जी को वैकुंठ नाथ जी के श्री चरणों में पधराया गया, तब ऐसा लगा मानो साक्षात वैकुंठ नाथ सामने विराजमान होकर हम सभी को अपना दिव्य आशीर्वाद दे रहे हैं।”
इस दौरान कई विधायक और गणमान्य अतिथियों ने भी व्यास पीठ का आशीर्वाद प्राप्त किया।
हवन और सम्मान समारोह के साथ यजमानों ने पाई कृतार्थता
कथा के सफल आयोजन पर आयोजक संस्था ‘श्री राधे सत्संग परिवार’ द्वारा सभी यजमानों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस मौके पर सभी यजमानों को संस्था की ओर से स्मृति चिह्न और दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के संयोजक एवं मंच संचालक श्री आशु अग्रवाल ने बताया कि विश्राम दिवस के सत्र में समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली ‘महिला विकास मंच’ की फाउंडर श्रीमती रेखा आचार्य को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। श्री राधे सत्संग परिवार की ओर से श्रीमती विनीता लखोटिया ने उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
इस पुनीत कार्य को सफलता के शिखर तक पहुँचाने में ‘श्री राधे सत्संग परिवार’, ‘महिला विकास मंच’ की सदस्याओं तथा समाज सेवी परिवारों का भरपूर सहयोग मिला।
अन्य प्रमुख सहयोगी: श्री सुशील पुरोहित, श्री गुलशन माली, श्री रतन बेंगानी, और श्री अमरनाथ सिंह (मुन्ना सिंह)।
इन सभी पदाधिकारियों और सहयोगी परिवारों के अथक प्रयासों से महानगर के श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में पहुँचकर इस ज्ञानयज्ञ का पुण्य लाभ प्राप्त किया।






































