पीबीएम अस्पताल ठेकाकर्मियों का आंदोलन समाप्त, डॉ. बी.डी. कल्ला की मध्यस्थता से सभी मांगों पर बनी सहमति


THE BIKANER NEWS:-बीकानेर। पीबीएम अस्पताल में पिछले कुछ समय से चल रहा ठेकाकर्मियों का आंदोलन सफलतापूर्वक समाप्त हो गया है। राजस्थान सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला की अगुवाई में प्रशासन और ठेकाकर्मियों के बीच हुई सकारात्मक वार्ता के बाद, कर्मचारियों ने खुशी-खुशी अपना कार्यभार दोबारा संभाल लिया है।

इस महत्वपूर्ण और संयुक्त वार्ता में पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला के साथ बीकानेर के संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा, पीबीएम के प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा और अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया शामिल हुए। प्रशासन द्वारा सभी मांगों को सम्मानपूर्वक मान लिए जाने के बाद ठेकाकर्मियों में उत्साह की लहर दौड़ गई। काम पर लौटते समय कर्मचारियों ने ‘डॉ. बी.डी. कल्ला जिंदाबाद’ के नारे लगाए और अपनी मांगें पूरी होने पर संभागीय आयुक्त सहित डॉ. घीया व डॉ. वर्मा का हृदय से आभार व्यक्त किया।
वार्ता में इन 7 प्रमुख बिंदुओं पर बनी सहमति:
प्रशासन और ठेकाकर्मियों के बीच हुई वार्ता में निम्नलिखित मांगों पर मुहर लगी है:
- न्यूनतम वेतनमान: सभी कर्मचारियों को श्रम विभाग के निर्धारित नियमों के अनुसार न्यूनतम वेतनमान का भुगतान किया जाएगा।
- पदोन्नति और वेतन वृद्धि: कई वर्षों से अस्पताल में निरंतर सेवाएं दे रहे कार्मिकों की श्रम विभाग के अनुसार केटेगरी (श्रेणी) में वृद्धि, वेतन वृद्धि और प्रमोशन किया जाएगा।
- पीएफ व ईएसआई (PF & ESI): कर्मचारियों के भविष्य और स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पीएफ (PF) और ईएसआई (ESI) की नियमित कटौती सुनिश्चित की जाएगी।
- समय पर वेतन: हर महीने निश्चित समय पर वेतन का भुगतान किया जाएगा ताकि कर्मचारियों को किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
- अनुभव को प्राथमिकता: नौकरी में पुराने और अनुभवी कर्मचारियों को वरीयता दी जाएगी।
- नियमों की सख्ती से पालना: अस्पताल प्रबंधन द्वारा ठेकाकर्मियों के संदर्भ में श्रम विभाग के सभी नियमों का पूर्ण रूप से पालन किया जाएगा।
- रोजगार की सुरक्षा: पूर्व में कार्यरत सभी ठेकाकर्मियों को श्रम विभाग के नियमों को ध्यान में रखते हुए उनके पदों पर यथावत रखा जाएगा।
इस समझौते के बाद अस्पताल की व्यवस्थाएं एक बार फिर पूरी तरह से सुचारू हो गई हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों ने भी राहत की सांस ली है।





































