पीबीएम में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मांग, डॉ. सुरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

बीकानेर, 25 जून।राजस्थान भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. सुरेंद्र सिंह ने माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा को पीबीएम अस्पताल (सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध चिकित्सालय समूह), बीकानेर में व्याप्त गंभीर अव्यवस्थाओं, प्रशासनिक लापरवाही तथा रोगियों को हो रही कठिनाइयों को दूर करने हेतु एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है।

डॉ. सिंह ने ज्ञापन में कहा कि पीबीएम अस्पताल बीकानेर संभाग का सबसे बड़ा एवं प्रमुख सरकारी चिकित्सा केंद्र है, जो न केवल बीकानेर बल्कि चूरू , श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर सहित पूरे उत्तर-पश्चिम राजस्थान के हजारों रोगियों की सेवा करता है। राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और राजस्थान को स्वास्थ्य के क्षेत्र में मॉडल राज्य बनाने की दिशा में कार्यरत है, ऐसे में इस महत्वपूर्ण संस्था की उपेक्षा नहीं की जा सकती।
ज्ञापन में प्रमुख समस्याओं का उल्लेख करते हुए डॉ. सिंह ने बताया कि—
- चिकित्सकों, विशेषकर सुपर स्पेशलिटी डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ एवं पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी है, जिससे रोगियों को उचित ध्यान एवं समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है।
- आधारभूत संरचना जर्जर एवं अपर्याप्त है। सीमित बेड्स, पुरानी इमारतें, आधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरणों (सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड) की कमी, आईसीयू, एनआईसीयू, डायलिसिस यूनिट, ब्लड बैंक एवं ट्रॉमा सेंटर जैसी सुविधाओं का अभाव है।
- आवश्यक दवाओं, उपभोग्य सामग्रियों एवं शल्य उपकरणों की नियमित कमी रहती है, जिससे रोगियों को बाहर से खरीदना पड़ता है।
- स्वच्छता एवं रखरखाव की गंभीर कमी है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है।
- ओपीडी एवं आईपीडी में अत्यधिक भीड़, लंबी कतारें एवं पंजीकरण में अनावश्यक विलंब होता है, जिससे गरीब एवं ग्रामीण रोगियों को विशेष कठिनाई होती है।
- सोनोग्राफी एवं एमआरआई के लिए एक सप्ताह तक इंतजार करना पड़ता है। जांच काउंटर 24 घंटे नहीं खुलता और निःशुल्क दवाओं, ड्रिप, नीडल, केनुला आदि की भारी कमी चल रही है।
डॉ. सुरेंद्र सिंह ने ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें एवं सुझाव दिए हैं—
- पीबीएम अस्पताल की वर्तमान स्थिति का उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष निरीक्षण कराया जाए। एक विशेषज्ञ समिति गठित कर व्यापक सुधार योजना (Action Plan) तुरंत तैयार की जाए और समयबद्ध रूप से लागू की जाए।
- अस्पताल की आधारभूत संरचना का व्यापक आधुनिकीकरण एवं विस्तार किया जाए। नई बहुमंजिला इमारत का निर्माण, आधुनिकतम चिकित्सा उपकरणों की खरीद, बेड्स की संख्या में पर्याप्त वृद्धि, क्रिटिकल केयर यूनिट्स (ICU, NICU, SICU), ट्रॉमा सेंटर एवं एडवांस्ड डायग्नोस्टिक सेंटर की स्थापना की जाए।
- चिकित्सकों (विशेषकर सुपर स्पेशलिटी फैकल्टी), नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं तकनीशियनों की तत्काल भर्ती की जाए। सभी रिक्त पद शीघ्र भरे जाएं।
- अस्पताल के समग्र प्रबंधन, अनुशासन, जवाबदेही एवं प्रभावी संचालन हेतु एक अनुभवी एवं वरिष्ठ आरएएस अथवा आईएएस स्तर के अधिकारी को पूर्णकालिक प्रशासक/निदेशक के रूप में नियुक्त किया जाए।
- अस्पताल के लिए पर्याप्त विशेष बजट का आवंटन सुनिश्चित किया जाए एवं विकास कार्यों हेतु विशेष पैकेज घोषित किया जाए।
- रोगी शिकायत निवारण हेतु 24×7 हेल्पलाइन, ऑनलाइन पोर्टल एवं नियमित समीक्षा तंत्र स्थापित किया जाए। मासिक प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपी जाए।
- जांच काउंटर 24 घंटे खोला जाए, सोनोग्राफी एवं एमआरआई मशीनें अनुपातिक रूप से बढ़ाई जाएं एवं निःशुल्क दवाओं की उपलब्धता शीघ्र सुनिश्चित की जाए।
डॉ. सुरेंद्र सिंह ने कहा कि बीकानेर संभाग के लाखों नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी आशाएं पीबीएम अस्पताल से जुड़ी हैं। सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य नीतियों का लाभ आमजन तक पूर्ण रूप से पहुंचे, इसके लिए पीबीएम अस्पताल को प्राथमिकता पर लेना अनिवार्य है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि इस ज्ञापन पर व्यक्तिगत ध्यान देकर शीघ्रातिशीघ्र आवश्यक कार्यवाही कराई जाए।





































