बीकानेर: फर्जी पट्टे के खेल में पार्क की बेशकीमती जमीन निगलने की साजिश, 2 साल के बच्चे के नाम जारी बता रहे 45 साल पुराना पट्टा!


THE BIKANER NEWS:-बीकानेर।शहर के जयनारायण व्यास (जेएनवी) थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सागर में भू-माफियाओं द्वारा पार्क की जमीन पर कब्जा करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। कल्ला इंडेन के पास पार्क के लिए छोड़ी गई पार्क की बेशकीमती जमीन पर अतिक्रमी खुलेआम कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। हैरत की बात यह है कि स्थानीय निवासियों ने इस खुली धोखाधड़ी के खिलाफ दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से कन्नी काट रहे हैं।
फर्जीवाड़े की हद: 2 साल के बच्चे के नाम पट्टा!
अतिक्रमणकारियों द्वारा पार्क की जमीन पर कब्जा जमाने के लिए जो दस्तावेज पेश किए जा रहे हैं, वे पूरी तरह से कूट रचित (फर्जी) नजर आ रहे हैं। भू-माफिया एक मृत सरपंच के कार्यकाल का 45 साल पुराना पट्टा दिखा रहे हैं। इस पट्टे की असलियत इसी बात से उजागर हो जाती है कि जिस व्यक्ति के नाम से वर्ष 1980 में पट्टा जारी होना बताया गया है, उस व्यक्ति का जन्म वर्ष 1978 में हुआ था। यानी जन्म के महज दो साल बाद ही उसके नाम पर पट्टा जारी कर दिया गया! इतना ही नहीं, पट्टे में जमीन का जो ‘आसा-पासा’ (चौहद्दी) दर्शाया गया है, वह भी मौके की वास्तविक स्थिति से बिल्कुल मेल नहीं खाता है।
अधिकारियों की चौखट पर स्थानीय, फिर भी हाथ खाली
इस बेशकीमती जमीन को बचाने के लिए स्थानीय निवासियों ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। स्थानीयों द्वारा लगातार:
जिला कलेक्टर महोदय
पुलिस अधीक्षक (SP) महोदय
सीईओ (CEO) जिला परिषद
विकास अधिकारी (BDO)
ग्राम पंचायत
संबंधित जेएनवी थाना
इन सभी स्तरों पर परिवाद दिए गए हैं। उनका सीधा आरोप है कि शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई न होना इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि अपराधियों और सरकारी महकमे के बीच गहरी सांठगांठ है। सरकारी अमला अतिक्रमियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें मौन संरक्षण देता हुआ प्रतीत हो रहा है।
जिला कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार
हर तरफ से निराश हो चुके स्थानीय निवासियों ने अब जिला कलेक्टर महोदय से मार्मिक गुहार लगाई है। ग्रामीणों की मांग है कि:
जिलाधीश महोदय इस गंभीर प्रकरण और परिवाद को व्यक्तिगत रूप से देखें।
कूट रचित दस्तावेजों (फर्जी पट्टे) की गहन जांच करवाई जाए।
ग्राम सागर के पार्क के लिए छोड़ी गई इस भूमि को तुरंत प्रभाव से संरक्षित किया जाए।
साथ ही संपत्तियों पर अतिक्रमण करने वाले भू-माफियाओं और उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त व न्यायोचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या जिला प्रशासन कुंभकर्णी नींद से जागकर भू-माफियाओं के इस फर्जीवाड़े पर लगाम लगाता है, या फिर ग्राम सागर के लोग अपने हक के पार्क की जमीन को यूं ही लुटते हुए देखने को मजबूर होंगे।






































