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निकाय चुनाव से पहले राजस्थान में सियासी हलचल तेज, रात 10 बजे बीकानेर के पार्षद के लिए खुला हाईकोर्ट,हुई विशेष सुनवाई

THE BIKANER NEWS:-बीकानेर। राजस्थान में निकाय चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक और कानूनी घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। बीकानेर नगर निगम के मेयर चुनाव से एक दिन पहले रविवार देर रात राजस्थान हाईकोर्ट में विशेष सुनवाई हुई। वहीं, दूसरी ओर 23 साल पुराने कथित फर्जी पट्टा मामले में हनुमानगढ़ के निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल की गिरफ्तारी ने सियासी हलचल बढ़ा दी है।

रात करीब 10 बजे हाईकोर्ट में विशेष सुनवाई

बीकानेर के वार्ड 18 से कांग्रेस पार्षद और पूर्व यूआईटी अध्यक्ष मकसूद अहमद की ओर से दायर याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्य पीठ में रविवार रात विशेष सुनवाई हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, मामले की तात्कालिकता को देखते हुए रात करीब 10 बजे कोर्ट के गेट खोले गए और जस्टिस सुनील बेनीवाल की एकलपीठ ने सुनवाई की।

मकसूद अहमद को गिरफ्तारी की आशंका थी, जबकि 21 सितंबर को बीकानेर नगर निगम के मेयर पद के लिए मतदान होना है। हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, राहत अगली सुनवाई तक प्रभावी है।

23 साल पुराने मामले में विधायक गणेशराज बंसल गिरफ्तार

उधर, हनुमानगढ़ के निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को सीआईडी-सीबी ने 2003 से जुड़े कथित फर्जी भूमि पट्टों के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उन्हें शनिवार देर रात बीकानेर से हनुमानगढ़ जाते समय हिरासत में लिया गया था और पूछताछ के बाद रविवार को गिरफ्तारी की गई।

यह कार्रवाई हनुमानगढ़ नगर परिषद के सभापति चुनाव से ठीक पहले हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, 60 वार्डों वाली परिषद में बंसल समर्थित निर्दलीय पार्षदों की संख्या 34 बताई गई है। गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया।

कई जगह कार्रवाई से बढ़ा राजनीतिक तापमान

निकाय चुनाव से पहले अलग-अलग शहरों में पार्षदों और नेताओं को नोटिस दिए जाने तथा पुलिस कार्रवाई की खबरों से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। बीकानेर में कांग्रेस पार्षदों को मिले नोटिस और मतदान के दिन पुलिस के समक्ष पेश होने से जुड़े मामलों को लेकर कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए गए हैं।

वहीं, विधायक गणेशराज बंसल के समर्थकों ने गिरफ्तारी को चुनावी परिस्थितियों से जोड़कर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, पुलिस/जांच एजेंसी की कार्रवाई 2003 के कथित फर्जी पट्टा मामलों से संबंधित बताई जा रही है। इन राजनीतिक आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग स्तर पर होनी बाकी है।

आज कई निकायों में चुनाव

21 सितंबर को राजस्थान के कई नगरीय निकायों में महापौर और सभापति पदों के लिए चुनाव होने हैं। ऐसे में मतदान से ठीक पहले सामने आए ये घटनाक्रम प्रदेश की निकाय राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बने हुए हैं।

बीकानेर में अब निगाहें मेयर चुनाव की वोटिंग पर हैं—जहां कोर्ट की अंतरिम राहत और पार्षदों से जुड़े पुलिस नोटिस के बीच मुकाबला और अधिक चर्चित हो गया है।

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