पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार,इस दिनहोगा शपथ ग्रहण, मुख्यमंत्री के चेहरे पर सस्पेंस बरकरार,ये पाँच नाम चर्चा में!


THE BIKANER NEWS:-पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक बड़ा उलटफेर करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पहली बार सत्ता में आई है और अपनी सरकार बनाने जा रही है।

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के मुताबिक, नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जाएगा। यह दिन बेहद खास है क्योंकि बांग्ला कैलेंडर (25 वैशाख) के अनुसार इसी दिन गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती भी मनाई जाएगी।
पर्यवेक्षकों की नियुक्ति
नई सरकार के गठन की तैयारियों के बीच बीजेपी ने बंगाल में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। वहीं, असम के लिए यह जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को दी गई है।
कौन होगा मुख्यमंत्री?
बंगाल में इस ऐतिहासिक जीत के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। बीजेपी ने आमतौर पर अपनी रणनीति के तहत चुनाव से पहले सीएम का चेहरा घोषित नहीं किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही पार्टी के सबसे बड़े चेहरे थे, जिन्होंने राज्य में 20 से अधिक रैलियां कीं।
मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी के अंदर इन समीकरणों पर जोर दिया जा रहा है:
- ‘बंगाली चेहरे’ पर जोर: चुनाव प्रचार के दौरान अमित शाह ने संकेत दिया था कि सत्ता में आने पर कोई बंगाली ही मुख्यमंत्री बनेगा, जिससे स्थानीय नेतृत्व को प्राथमिकता मिलने के संकेत हैं।
- महिला मुख्यमंत्री की चर्चा: बीजेपी ने महिलाओं की सुरक्षा को प्रमुख मुद्दा बनाया था। ऐसे में किसी महिला नेता को कमान सौंपने की भी अटकलें हैं ताकि महिला समर्थकों के बीच पार्टी की छवि और मजबूत हो।
मुख्यमंत्री पद की रेस में प्रमुख दावेदार:
- शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari): संगठन में मजबूती और जमीनी पकड़ वाले नेता।
- दिलीप घोष (Dilip Ghosh): राज्य में बीजेपी को एक मजबूत विपक्ष के रूप में खड़ा करने का श्रेय।
- समिक भट्टाचार्य (Samik Bhattacharya): संगठन में संतुलन बनाए रखने वाले प्रमुख नेता।
- निशिथ प्रमाणिक (Nisith Pramanik): पार्टी का युवा और उभरता हुआ चेहरा।
- अग्निमित्रा पॉल (Agnimitra Paul): बेबाक छवि और हालिया चुनाव में मिली जीत के कारण मजबूत दावेदार।
- रूपा गांगुली (Roopa Ganguly): लोकप्रिय चेहरा और जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़।
फैसला किसके हाथ में?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी ऐसे नेता को चुनना चाहेगी जो संगठन को मजबूत रखने के साथ-साथ राज्य में पार्टी की पकड़ को लंबे समय तक बनाए रख सके। मुख्यमंत्री के नाम पर आखिरी फैसला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, खासकर नरेंद्र मोदी और अमित शाह की रणनीति पर ही निर्भर करेगा।
































