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​बीकानेर: ‘ताला’ ठीक करने के बहाने घरों में सेंध लगाने वाले चढ़े पुलिस के हत्थे

THE BIKANER NEWS:-बीकानेर: शहर में ताला-चाबी ठीक करने के बहाने घरों में घुसकर चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का जेएनवीसी (JNVC) थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है, जिनका पहले से ही लंबा आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।

क्या था मामला?

जेएनवीसी पुलिस के अनुसार, 11 फरवरी 2026 को परिवादी श्री अजय आहूजा ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 10 फरवरी की शाम करीब 4 बजे उन्हें रास्ते में दो अज्ञात व्यक्ति मिले, जो ताला-चाबी ठीक करने का काम करते थे। परिवादी उन्हें अपनी घर की अलमारी का ताला खुलवाने के लिए साथ ले गए। इसी दौरान दोनों ठगों ने परिवादी का ध्यान भटका कर अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात और नकदी पार कर दी और मौके से फरार हो गए।

ऐसे बनाते थे शिकार (वारदात का तरीका)

पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि ये आरोपी शहर की गलियों में ताला-चाबी ठीक करने वाले बनकर घूमते थे। जब कोई व्यक्ति इनसे संपर्क करता, तो ये बहुत कम पैसों में काम करने को तैयार हो जाते थे। घर के अंदर घुसने के बाद ये मकान मालिक को इधर-उधर की बातों में उलझा देते थे और मौका पाते ही अलमारी या संदूक में रखा कीमती सामान अपने बैग में भर लेते थे। इसके बाद ‘ताला ठीक नहीं हो रहा’ का बहाना बनाकर वहाँ से खिसक जाते और शहर छोड़कर भाग जाते थे।

तकनीक और सीसीटीवी से पुलिस पहुंची आरोपियों तक

बीकानेर रेंज आईजी श्री हेमंत शर्मा और एसपी श्री कावेन्द्र सिंह सागर के कड़े निर्देशों के बाद जेएनवीसी थानाधिकारी श्री विक्रम तिवारी के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और टॉवर लोकेशन व तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान की। इसके बाद एसआई श्री विनोद कुमार की टीम ने शातिर चोरों का लगातार पीछा किया और अंततः उन्हें डूंगरपुर से दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपी:

  1. नानक सिंह पुत्र जोगेन्द्रसिंह (उम्र 35 साल), निवासी: कच्ची बस्ती बड़वास, प्रतापनगर, उदयपुर।
  2. नानक सिंह पुत्र बहादुरसिंह (उम्र 35 साल), निवासी: हरिजन बस्ती, पुराना हॉस्पिटल के पीछे, डूंगरपुर।

इस टीम ने किया खुलासा

इस पूरी कार्रवाई में जेएनवीसी थानाधिकारी विक्रम तिवारी, एसआई विनोद कुमार, हेड कांस्टेबल ईमीचंद, कांस्टेबल सुशील और कांस्टेबल संग्राम की अहम भूमिका रही। इस वारदात का पर्दाफाश करने में हेड कांस्टेबल ईमीचंद का विशेष योगदान रहा। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है, जिससे और भी कई वारदातों के खुलने की संभावना है।

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