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बेसिक पी.जी. कॉलेज बना डिजिटल शिक्षा का केंद्र, छह दिवसीय कार्यशाला का शानदार समापन

THE BIKANER NEWS:;बीकानेर:^डिजिटल युग में तेजी से बढ़ती तकनीकी संभावनाओं और ऑनलाइन व्यापार के बढ़ते प्रभाव को ध्यान में रखते हुए बेसिक पी.जी. कॉलज द्वारा आयोजित छह दिवसीय “डिजिटल मार्केटिंग कार्यशाला” का आज अत्यंत उत्साह, गरिमा और प्रेरणादायी वातावरण में सफल समापन हुआ। कार्यशाला में विद्यार्थियों, युवा उद्यमियों, स्वरोजगार से जुड़े प्रतिभागियों तथा विभिन्न क्षेत्रों के प्रोफेशनल्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए आधुनिक डिजिटल दुनिया की नई तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुरेश पुरोहित ने बताया कि यह कार्यशाला युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उन्हें डिजिटल कौशल से जोड़ने तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। छह दिनों तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को डिजिटल मार्केटिंग के विभिन्न आयामों की गहन एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान की। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को सोशल मीडिया मार्केटिंग, सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन, गूगल ऐड्स, फेसबुक एवं इंस्टाग्राम विज्ञापन, यूट्यूब चौनल ग्रोथ, कंटेंट क्रिएशन, ब्रांड प्रमोशन, ई-मेल मार्केटिंग, वेबसाइट ट्रैफिक बढ़ाने की रणनीतियाँ, ऑनलाइन ग्राहक प्रबंधन तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डिजिटल टूल्स के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। डॉ. पुरोहित ने बताया कि विशेषज्ञों ने लाइव प्रोजेक्ट्स, केस स्टडी, प्रेजेंटेशन और प्रायोगिक सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी कार्य करने की तकनीक सिखाई। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने स्वयं सोशल मीडिया अभियान तैयार किए, विज्ञापन डिज़ाइन किए तथा डिजिटल ब्रांडिंग के विभिन्न मॉडल्स पर कार्य कर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
समापन समारोह में महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री रामजी व्यास ने बताया कि वर्तमान समय में डिजिटल मार्केटिंग केवल व्यवसाय बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार, फ्रीलांसिंग और स्टार्टअप के असीम अवसरों का द्वार बन चुकी है। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक क्षेत्र जैसे- शिक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य, सेवा और उद्योग, डिजिटल माध्यमों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, ऐसे में डिजिटल कौशल युवाओं की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। श्री व्यास ने यह भी बताया कि भारत तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर है और ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म की समझ रखने वाला युवा आज न केवल स्वयं को आत्मनिर्भर बना सकता है, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर उत्पन्न कर सकता है।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. रोशनी शर्मा ने बताया कि कार्यशाला के प्रति प्रतिभागियों में अत्यधिक उत्साह देखने को मिला। प्रशिक्षण के प्रत्येक सत्र में प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लेते हुए नई तकनीकों को सीखने में विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को व्यावहारिक रूप से सक्षम बनाकर उन्हें डिजिटल दुनिया में सफल बनाना है। डॉ. शर्मा ने बताया कि आने वाले समय में एडवांस डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स, ग्राफिक डिजाइनिंग, वीडियो एडिटिंग, एआई टूल्स एवं ऑनलाइन बिजनेस डेवलपमेंट जैसे विषयों पर भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक युवा तकनीकी रूप से सशक्त बन सकें।
समापन अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को अत्यंत ज्ञानवर्धक, उपयोगी एवं प्रेरणादायी बताते हुए आयोजकों और प्रशिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कई प्रतिभागियों ने कहा कि इस प्रशिक्षण से उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कार्य करने का आत्मविश्वास प्राप्त हुआ है तथा भविष्य में वे इसका उपयोग अपने व्यवसाय, करियर एवं स्वरोजगार में करेंगे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान सकारात्मक ऊर्जा, रचनात्मकता, नवाचार और सीखने की उत्सुकता का वातावरण बना रहा। कार्यशाला ने प्रतिभागियों को डिजिटल दुनिया की नई संभावनाओं से परिचित कराते हुए उन्हें तकनीकी रूप से सशक्त एवं आत्मविश्वासी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की।

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