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बड़ी खबर:-पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका, पार्षदों के सामूहिक इस्तीफे से मची खलबली

Kolkata news:कोलकाता:पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर एक बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। राज्य की दो महत्वपूर्ण नगर पालिकाओं में पार्षदों की बगावत और सामूहिक इस्तीफे ने ममता बनर्जी की ‘मां, माटी, मानुष’ की सरकार के सामने एक नया राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया है।

​उत्तर बैरकपुर: खिसक रही है टीएमसी की जमीन?

​उत्तर 24 परगना जिले के अंतर्गत आने वाली उत्तर बैरकपुर नगर पालिका में पार्टी को करारा झटका लगा है। यहाँ कुल 23 पार्षदों में से 15 टीएमसी पार्षदों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है। आधे से ज्यादा पार्षदों के इस तरह अचानक बागी हो जाने से नगर पालिका के बोर्ड पर टीएमसी का बहुमत सीधे तौर पर खतरे में आ गया है। स्थानीय स्तर पर इसे पार्टी के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है, जिससे प्रशासनिक कामकाज भी प्रभावित होने की आशंका है।

​डायमंड हार्बर: अभिषेक बनर्जी के गढ़ में बड़ी सेंध

​बगावत की यह आग सिर्फ उत्तर 24 परगना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के मजबूत गढ़ डायमंड हार्बर तक पहुँच गई है।

​हाल ही में ‘फलता’ में हुए राजनीतिक धंसान के बाद, अब डायमंड हार्बर नगर पालिका में भी पार्टी के अंदर भारी टूट देखने को मिली है। यहाँ कुल 15 में से 8 पार्षदों ने इस्तीफा सौंप दिया है। बहुमत का आंकड़ा पार कर चुके इन इस्तीफों के कारण, अब अभिषेक बनर्जी के अपने ही संसदीय क्षेत्र की इस नगर पालिका पर पार्टी का कब्जा बरकरार रहना मुश्किल लग रहा है।

​आलाकमान की बढ़ी चिंताएं

​एक ही समय में दो अलग-अलग नगर पालिकाओं में पार्षदों का इस तरह टूटना तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के लिए खतरे की घंटी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर नेताओं के बीच पनप रहा यह असंतोष और गुटबाजी अगर समय रहते नहीं रोकी गई, तो यह अन्य क्षेत्रों में भी फैल सकती है। फिलहाल, टीएमसी नेतृत्व की तरफ से इस डैमेज कंट्रोल को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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