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पीबीएम अस्पताल की घोर लापरवाही: अधीक्षक की स्वीकृति के बावजूद 5 दिन से इलाज को मोहताज कैंसर पीड़िता, HOD पर मनमानी का आरोप

THE BIKANER NEWS;-​बीकानेर।संभाग के सबसे बड़े पीबीएम चिकित्सालय के कैंसर विभाग (आचार्य तुलसी कैंसर रिसर्च सेंटर) में प्रशासनिक खींचतान और संवेदनहीनता के चलते एक कैंसर पीड़िता की जान दांव पर लगी है। अस्पताल अधीक्षक द्वारा ‘मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान योजना’ के तहत इलाज की विधिवत स्वीकृति दिए जाने के बावजूद, संबंधित विभागाध्यक्ष (HOD) पिछले 5 दिनों से मरीज को भर्ती करने और रेडियोथेरेपी शुरू करने से इनकार कर रहे हैं। आरोप है कि HOD द्वारा नियमों के विरुद्ध जाकर ‘आय प्रमाण पत्र’ की मांग की जा रही है।

​पुरानी गिन्नाणी निवासी चंद्र प्रकाश पुरोहित ने बताया कि उनकी पत्नी सविता पुरोहित कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। तकनीकी कारणों से मरीज का चिरंजीवी कार्ड सक्रिय नहीं हो पाया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल अधीक्षक ने ‘निरोगी राजस्थान योजना’ के तहत संपूर्ण इलाज निःशुल्क करने के लिखित आदेश जारी किए थे। परिजनों का आरोप है कि HOD इन आदेशों की खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं।

​आधुनिक मशीन के बजाय पुरानी तकनीक से सिकाई का दबाव

शुरुआत में चिकित्सकों ने कीमोथेरेपी से पहले आधुनिक लीनियर एक्सेलेरेटर (LINAC / IGRT) रेडियोथेरेपी की आवश्यकता बताई थी, ताकि ट्यूमर के आसपास के नाजुक अंगों को सुरक्षित रखा जा सके। परिजनों का आरोप है कि अब योजना के तहत निःशुल्क इलाज होने का हवाला देकर डॉक्टर आधुनिक थेरेपी देने से मुकर रहे हैं और मरीज पर पुरानी ‘कोबाल्ट’ तकनीक से सिकाई करवाने का अनुचित दबाव बना रहे हैं।

​योजना में प्रावधान नहीं, फिर भी मांग रहे आय प्रमाण पत्र

नियमों को दरकिनार करते हुए HOD द्वारा परिजनों को कभी मेडिकल कॉलेज प्राचार्य के हस्ताक्षर लाने तो कभी ‘आय प्रमाण पत्र’ बनवाने के नाम पर पिछले 5 दिनों से भटकाया जा रहा है। गौरतलब है कि राज्य सरकार की ‘निरोगी राजस्थान योजना’ पूर्णतः सार्वभौमिक है, जिसमें आय प्रमाण पत्र का कोई नियम या प्रावधान नहीं है।

​कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी में 5 दिन की देरी मरीज के स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक साबित हो रही है। पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य और राज्य सरकार से इस घोर चिकित्सीय लापरवाही व प्रशासनिक अनुशासनहीनता पर तुरंत संज्ञान लेकर उपचार तत्काल शुरू करवाने की गुहार लगाई है।

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