बीकानेर कोंग्रेस :- बागी उम्मीदवारों पर होगी कार्यवाही, जोशी,बिस्सा सहित कई पूर्व पदाधिकारी,नेता निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव लड़े

THE BIKANER NEWS:-बीकानेर। नगर निगम चुनाव संपन्न होने के बाद अब राजनीतिक दलों ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले बागी नेताओं और पदाधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस ने ऐसे नेताओं की सूची तैयार कर ली है, जिन्होंने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के सामने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर पार्टी को नुकसान पहुंचाया। माना जा रहा है कि चुनाव परिणाम आने के बाद संबंधित नेताओं को नोटिस जारी किए जा सकते हैं।
मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस की ओर से पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले पदाधिकारियों और नेताओं की सूची तैयार कर ली गई है। अब इन नेताओं को जल्द ही कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की संभावना है।
इन वार्डों में कांग्रेस के बागी मैदान में
पार्टी विचारधारा से अलग होकर कई पूर्व पदाधिकारी और नेता निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरे हैं।
वार्ड 80: संगठन के पूर्व महासचिव रमजान अली कच्छावा ने बागी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा। इसी वार्ड से पूर्व पार्षद और सचिव वसीम खिलजी तथा यूथ कांग्रेस में सचिव रहे शहाबुद्दीन भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में रहे।
वार्ड 73: यह वार्ड चुनाव में हॉट सीट बना रहा। यहां आनन्द जोशी ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। उनके मैदान में उतरने से कांग्रेस प्रत्याशी अनिल कल्ला के वोटों पर असर पड़ने की चर्चा रही।
वार्ड 71: कांग्रेस के एससी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष प्रफुल्ल हटीला ने भी पार्टी के खिलाफ बागी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा।
वार्ड 2: पूर्व सचिव और पार्षद रह चुके शिवशंकर बिस्सा ने कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार संजय आचार्य के सामने चुनाव लड़ा। उनके निर्दलीय मैदान में उतरने से कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध की स्थिति बनी।
वार्ड 31: कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के पूर्व सचिव सलीम मांगलिया निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में रहे।
वार्ड 25: कांग्रेस के सचिव मुजीब खिलजी ने भी पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ा।
महिला मोर्चा से जुड़ा नाम: प्रदेश महिला सचिव आशा देवी स्वामी भी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में रहीं।
परिणाम के बाद होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
शसूत्रों की माने तो बागी प्रत्याशियों के खिलाफ जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पार्टी चुनाव परिणामों का इंतजार कर रही है। परिणाम सामने आने के बाद पार्टी से बगावत करने वाले नेताओं और पदाधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना यह होगा कि चुनाव परिणाम सामने आने के बाद कांग्रेस और भाजपा अपने-अपने बागी उम्मीदवारों के खिलाफ कितनी सख्ती दिखाती हैं और किन नेताओं पर कार्रवाई होती है।





































