रेसा (पी) बीकानेर का जिला स्तरीय शैक्षिक अधिवेशन संपन्नशिक्षा, शिक्षार्थी, शिक्षक एवं एनईपी-2020 सहित विभिन्न शैक्षिक विषयों पर हुआ मंथन






THE BIKANER NEWS:;। राजस्थान शिक्षा सेवा प्राध्यापक संघ (रेसा-पी) बीकानेर का जिला स्तरीय शैक्षिक अधिवेशन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जेल वेल, बीकानेर में आयोजित किया गया। अधिवेशन के द्वितीय दिवस में “शिक्षा-शिक्षार्थी-शिक्षक, एनईपी-2020 एवं बाल/व्यवसाय केंद्रित शिक्षण” विषय पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिवेशन में शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं तथा शैक्षिक हितों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
अधिवेशन की अध्यक्षता निवर्तमान प्राचार्य श्री मोहम्मद सदीक पंवार ने की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्राचार्य श्री सादिप गौड़ एवं प्राचार्य श्री अनिल शर्मा उपस्थित रहे। वक्ताओं ने शिक्षा के बदलते स्वरूप, नई शिक्षा नीति-2020 के प्रभाव तथा विद्यार्थियों को केंद्र में रखकर शिक्षण व्यवस्था को और बेहतर बनाने की आवश्यकता पर विचार रखे।
नई जिला कार्यकारिणी का गठन
अधिवेशन के दौरान चुनाव पर्यवेक्षक श्री राकेश सारस्वत की देखरेख में रेसा (पी) की नवनिर्वाचित जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई। इसमें प्राचार्य श्री रामदास सान्याल को सभाध्यक्ष, प्राचार्य श्री ब्रजेश शर्मा को जिला अध्यक्ष, प्राचार्य श्री विपिन जैन को जिला महामंत्री, प्राचार्य श्री भूपेन्द्र कौशिक को कोषाध्यक्ष तथा प्राचार्य श्रीमती रीता सरीया को महिला प्रतिनिधि चुना गया।
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने संगठन की मजबूती के साथ-साथ शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न विषयों को प्रभावी ढंग से उठाने की बात कही।
अधिवेशन में पारित किए गए महत्वपूर्ण प्रस्ताव
अधिवेशन में शिक्षकों एवं प्राचार्यों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर प्रस्ताव पारित कर मांगें रखी गईं। इनमें प्रमुख रूप से डी.ई.ओ. पद की डीपीसी में प्राचार्यों की वरिष्ठता की तिथि का अंकन करने, पीईईओ/यूसीईईओ के पद को वरिष्ठ प्राचार्य (एल-17) करने तथा सत्र 2021-22 के पश्चात क्रमोन्नत उच्च माध्यमिक विद्यालयों में व्याख्याता पदों का सृजन करने एवं स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग शामिल रही।
अधिवेशन में उपस्थित पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कहा कि शिक्षकों और प्राचार्यों से जुड़े इन विषयों के समाधान से विद्यालयों की प्रशासनिक एवं शैक्षिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। कार्यक्रम के दौरान संगठन के सदस्यों ने शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण सुधार, विद्यार्थियों के हितों को प्राथमिकता देने तथा शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करने पर जोर दिया।





































