जैसलमेर से बड़ी खबर:-गौ-सेवक जोताराम की शिकायत पर मृत गोवंश मामले में मानवाधिकार आयोग का बड़ा एक्शन, ठेकेदार का ठेका निरस्त, धरोहर राशि जब्त


THE BIKANER NEWS:जयपुर/जैसलमेर। जैसलमेर नगर परिषद के डंपिंग यार्ड में बड़ी संख्या में मृत गोवंश मिलने के मामले में राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने गौ-सेवक जोताराम देवासी की शिकायत पर बड़ा संज्ञान लिया है। शिकायत के बाद नगर परिषद की जांच में ठेकेदार की गंभीर लापरवाही सामने आई, जिसके चलते नगर परिषद ने उसका ठेका निरस्त करने के साथ धरोहर राशि जब्त कर उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया।


ग्राम राणा, तहसील रोहट, जिला पाली निवासी जोताराम देवासी ने आयोग में परिवाद दायर कर शिकायत की थी कि जैसलमेर के डंपिंग यार्ड में 500 से अधिक गायों के शव पड़े हैं। मामले में आयोग ने नगर परिषद जैसलमेर से रिपोर्ट तलब की।
नगर परिषद आयुक्त की ओर से 5 अगस्त 2026 को प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में बताया गया कि मौके पर जांच के दौरान लगभग 150 मृत पशु मिले, जिनमें अधिकांश सूखे कंकाल अवस्था में थे। जांच में सामने आया कि मृत पशुओं के उठाने और निस्तारण का ठेका वर्ष 2025 में गोपाराम पुत्र दूदाराम को दिया गया था, लेकिन ठेकेदार ने अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करते हुए निर्धारित स्थान पर निस्तारण करने के बजाय डंपिंग यार्ड में मृत पशुओं को इधर-उधर डाल दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, करीब दो माह तक नियमित निस्तारण नहीं होने से मृत पशुओं की संख्या बढ़कर लगभग 150 हो गई। ठेकेदार द्वारा आसपास के क्षेत्रों से भी मृत पशु लाकर डंपिंग यार्ड में डाले जा रहे थे।
मामले में नगर परिषद ने 24 मई 2026 को ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर 25 मई 2026 को तत्काल प्रभाव से ठेका निरस्त कर दिया गया। साथ ही धरोहर राशि जब्त कर ठेकेदार को भविष्य की निविदाओं एवं संविदाओं में भाग लेने से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। नगर परिषद ने अपने संसाधनों से 24 मई को ही मृत पशुओं का निस्तारण करवाया।
12 नवंबर से पहले जवाब पेश करने के निर्देश
मानवाधिकार आयोग ने नगर परिषद की जांच रिपोर्ट की प्रति शिकायतकर्ता जोताराम देवासी को भेजते हुए निर्देश दिए हैं कि यदि उन्हें इस संबंध में कोई प्रत्युत्तर प्रस्तुत करना है तो 12 नवंबर 2026 से पूर्व डाक अथवा व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष पेश करें।
गौ-सेवक ने जताया आभार
शिकायतकर्ता जोताराम देवासी ने कार्रवाई पर संतोष जताते हुए कहा कि यह गौ-माता और सभी गौ-सेवकों की जीत है। उन्होंने मानवाधिकार आयोग और नगर परिषद जैसलमेर का आभार जताते हुए कहा कि गौ-वंश के सम्मान और संरक्षण के लिए उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
परिवाद संख्या: 26/18/2335 / 15346




































