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राजस्थान में यहां सभी पेट्रोल पंप अनिश्चितकाल के लिए बंद,डीलर्स की हड़ताल

THE BIKANER NEWS:भीलवाड़ा, राजस्थान: भीलवाड़ा जिले में 18 मई 2026 से सभी पेट्रोल पंप अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। ‘भीलवाड़ा पेट्रोलियम डीलर सोसायटी’ ने रविवार को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में यह सामूहिक निर्णय लिया। सोसायटी के सचिव अशोक मुंडा के अनुसार, 18 मई सुबह 9 बजे से ही जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की बिक्री पूरी तरह से रोक दी गई है।

क्यों बंद किए गए पेट्रोल पंप?

​यह पूरा विवाद हाल ही में हुए औचक निरीक्षण से जुड़ा है। राज्य के उपभोक्ता मामलात मंत्री सुमित गोदारा के निर्देश पर विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 के तहत भीलवाड़ा के कुछ पेट्रोल पंपों की जांच की गई थी।

क्या है आरोप?

जांच टीम का आरोप है कि 5 लीटर के पैमाने (माप) में 30 मिलीलीटर तेल कम पाया गया।

डीलर्स का पक्ष और उनका विरोध

​पेट्रोलियम डीलर्स का कहना है कि उन्होंने यह हड़ताल अपनी साख और प्रतिष्ठा बचाने के लिए की है। ‘कम तोल’ के आरोपों पर सोसायटी ने निम्नलिखित तर्क दिए हैं:

  • जांच का तरीका गलत: डीलर्स का आरोप है कि जांच का तरीका पूरी तरह से अनैतिक और गलत था।
  • मशीन की तकनीकी बनावट: उनका कहना है कि मशीन की तकनीक ऐसी होती है कि यदि 21 मिलीलीटर का भी अंतर हो, तो डिस्प्ले सीधे 30 मिलीलीटर ही दिखाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि ग्राहक को 30 मिलीलीटर तेल कम दिया गया है।
  • सरकारी नियमों का हवाला: सोसायटी ने स्पष्ट किया कि सरकारी नियमों के अनुसार ही 5 लीटर की माप में 25 मिलीलीटर तक का ऊपर-नीचे (+/-) होना मान्य है। इसलिए इसे ‘कम तोलना’ नहीं कहा जा सकता।
  • मीडिया ट्रायल का विरोध: डीलर्स का सबसे बड़ा विरोध इस बात को लेकर है कि कोर्ट या कानूनी प्रक्रिया से दोष सिद्ध होने से पहले ही इस मामले को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर उछाल कर उनकी छवि खराब की गई।

प्रशासन से मांग और अगला कदम

​भीलवाड़ा पेट्रोलियम डीलर्स सोसायटी के अध्यक्ष जाकिर हुसैन, सचिव अशोक कुमार मुंडा और कोषाध्यक्ष दिनेश भगत ने स्पष्ट किया है कि उन्हें न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है, लेकिन जांच के नाम पर इस तरह की बदनामी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​हड़ताल के दौरान सोसायटी द्वारा जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस ज्ञापन में मांग की गई है कि सोशल मीडिया पर व्यवसायियों का अपमान करने वाले और गलत तरीके से छवि खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और प्रशासन की ओर से सकारात्मक रुख नहीं अपनाया जाता, तब तक पंप अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेंगे।

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