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बंगाल: एक साल का इंतजार खत्म, बंगाल में 7 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को सरकार की हरी झंडी

THE BIKANER NEWS:^कोलकाता: पिछले करीब एक साल से लटके सात अहम राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways) प्रोजेक्ट्स का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। राज्य सरकार ने इन परियोजनाओं को NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) और NHIDCL को सौंपने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल द्वारा जारी किए गए आदेश के बाद अब इन मार्गों के चौड़ीकरण और नए निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

📍 किन प्रमुख राजमार्गों का होगा विकास?

सूत्रों के अनुसार, जिन 7 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है, उनमें शामिल हैं:

  • NH-312: जंगीपुर से बशीरहाट
  • NH-31: बिहार/बंगाल सीमा से गाजोल
  • NH-33: बिहार/बंगाल सीमा से फरक्का
  • नया NH-10: सेवक सेना छावनी से कलिम्पोंग
  • NH-317A: हासिमारा से जयगांव
  • NH-717: बड़ादिघी से चांगराबंधा
  • NH-110: सिलीगुड़ी से दार्जिलिंग

💡 क्यों अहम है यह फैसला? (प्रमुख प्रभाव)

  • निर्माण में आएगी तेजी: लंबे समय से औपचारिक हस्तांतरण न होने के कारण इन मार्गों पर मरम्मत और निर्माण कार्य ठप पड़े थे। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के लगातार आग्रह के बाद अब काम तुरंत गति पकड़ेगा।
  • अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बूस्ट: इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा उत्तर बंगाल, दार्जिलिंग और डुआर्स क्षेत्र को होगा। बेहतर कनेक्टिविटी से यहाँ के चाय उद्योग, सीमावर्ती व्यापार और पर्यटन को नई संजीवनी मिलेगी।
  • रणनीतिक मजबूती: सिक्किम, भूटान और बांग्लादेश की सीमाओं से जुड़े इन मार्गों के विकसित होने से न केवल पूर्वोत्तर राज्यों के साथ संपर्क मजबूत होगा, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।

​अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जमीनी स्तर पर इन राजमार्गों का निर्माण कार्य कितनी जल्दी शुरू होता है।

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