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राजस्थान में भीषण गर्मी का कहर: स्कूलों में इन गतिविधियों पर रोक,बच्चो को राहत देने के लिए शिक्षा विभाग की नई गाइडलाइन जारी

THE BIKANER NEWS:-बीकानेर: राजस्थान में लगातार बढ़ती गर्मी और लू (Heatwave) के खतरे को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में किसी भी प्रकार की आउटडोर गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

​शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रशासन को इन नियमों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

गाइडलाइन के प्रमुख बिंदु:

1. आउटडोर गतिविधियों और प्रार्थना सभा पर पाबंदी:

  • ​भीषण गर्मी के दौरान किसी भी प्रकार की आउटडोर खेल गतिविधि, ड्रिल या कैंप का आयोजन नहीं किया जाएगा।
  • ​स्कूलों की प्रार्थना सभा भी अब खुले मैदान के बजाय छायादार स्थानों या कक्षाओं में ही कम समय के लिए आयोजित की जाएगी।

2. स्कूली बैग और यूनिफॉर्म में राहत:

  • ​बच्चों को भारी बस्ते से राहत देने के लिए केवल आवश्यक पाठ्यपुस्तकें ही लाने के निर्देश दिए गए हैं।
  • यूनिफॉर्म में छूट: छात्र-छात्राएं सूती, हल्के और आरामदायक कपड़े पहन सकेंगे। चमड़े के जूतों के स्थान पर कैनवास या कपड़े के जूते पहनने की अनुमति दी गई है।
  • ​बच्चों को धूप से बचने के लिए टोपी, गमछा और पानी की बोतल साथ रखने की सलाह दी गई है।

3. पेयजल और चिकित्सा व्यवस्था:

  • ​सभी स्कूलों में शुद्ध और ठंडे पानी (वाटर कूलर, मटके आदि) की व्यवस्था अनिवार्य है। बच्चों को नियमित अंतराल पर पानी पीने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
  • ​प्रत्येक स्कूल में फर्स्ट एड किट, ओआरएस (ORS) और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता अनिवार्य कर दी गई है।

4. परिवहन (स्कूल बस/वैन) के नियम:

  • ​स्कूल बसों और वैन में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर सख्त रोक लगाई गई है।
  • ​सभी स्कूली वाहनों में पीने के पानी और फर्स्ट एड किट का होना अनिवार्य होगा।

5. कक्षाओं और छात्रावासों (Hostels) के लिए विशेष इंतजाम:

  • ​कक्षाओं में पंखों की कार्यशीलता और पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित करना होगा। आवश्यकतानुसार वैकल्पिक बिजली व्यवस्था (Power Backup) भी करनी होगी।
  • ​छात्रावासों में पानी, बिजली के साथ-साथ नींबू पानी, छाछ और मौसमी फलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। खेलकूद केवल शाम के समय ही होंगे।

6. जागरूकता अभियान:

  • ​एसएमसी (SMC), एसडीएमसी (SDMC) और पीटीएम (PTM) के माध्यम से स्कूल प्रबंधन समितियों द्वारा अभिभावकों और विद्यार्थियों को लू से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा।

लू से बचाव के लिए क्या करें, क्या न करें (Do’s and Don’ts):

खान-पान: बासी, मसालेदार और जंक फूड खाने से पूरी तरह परहेज करें।

पर्याप्त पानी पिएं: भले ही प्यास न लगे, फिर भी थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें।

पहनावा: हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें।

सिर ढकें: धूप में निकलते समय सिर को टोपी, गमछे या कपड़े से हमेशा ढककर रखें।

धूप से बचें: दोपहर के समय तेज धूप में घर से बाहर निकलने से बचें।

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