मुरलीधर व्यास कॉलोनी में जलभराव, उपमहापौर-पार्षद ने मौके पर पहुंचकर दिलाई राहत

बीकानेर। शहर की मुरलीधर व्यास कॉलोनी में नालों के ओवरफ्लो होने से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कॉलोनी स्थित परशुराम द्वार के पास नालों का पानी सड़क पर एकत्रित हो गया, जिससे क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़क पर पानी भरने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान कुछ राहगीरों के पानी में फिसलकर गिरने की भी जानकारी सामने आई, जिससे स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ गई।
जलभराव से आमजन परेशान, अधिकारियों के फोन नहीं उठाने की शिकायत
स्थानीय निवासियों के अनुसार, नालों के ओवरफ्लो होने से परशुराम द्वार के पास सड़क पर पानी जमा हो गया था। इससे आमजन को आने-जाने में परेशानी हुई। विशेष रूप से पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति मुश्किल भरी रही। सड़क पर पानी जमा होने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रही।निवासियों ने बताया कि समस्या के संबंध में संबंधित अधिकारियों को फोन कर सूचना देने का प्रयास किया गया, लेकिन आरोप है कि अधिकारियों ने फोन नहीं उठाए। ऐसे में लोगों को समस्या के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी देनी पड़ी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे उपमहापौर और पार्षद
क्षेत्र में जलभराव की सूचना मिलने पर बीकानेर के उपमहापौर पंकज गहलोत और पार्षद दीपक व्यास मौके पर पहुंचे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए। उनके हस्तक्षेप के बाद जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की कार्रवाई की गई, जिससे स्थानीय निवासियों को राहत मिली।
स्थायी समाधान की मांग
इस घटना ने कॉलोनी में नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों नुकरा महाराज,शिव शंकर बिस्सा,राजेश पुरोहित आदि का कहना है कि नालों के ओवरफ्लो होने की समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए, ताकि बार-बार सड़क पर पानी जमा होने से लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग से नालों की नियमित सफाई, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि शहर की कॉलोनियों में ऐसी समस्याओं का समय पर समाधान होना जरूरी है, ताकि आमजन को आवागमन में परेशानी न हो और दुर्घटनाओं की आशंका से भी बचा जा सके।




































