लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर पुलिस का शिकंजा: गैंगस्टर रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण के माता-पिता गिरफ्तार

THE BIKANER NEWS:-बीकानेर:- बीकानेर:-चूरू/रतनगढ़
रतनगढ़ पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे और गैंगस्टर रोहित गोदारा तथा वीरेंद्र चारण के नेटवर्क को तोड़ते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बदमाशों को शरण देने और मदद करने के आरोप में तीन बुजुर्ग मददगारों को गिरफ्तार किया है।
14 मई को रतनगढ़ में कांग्रेस के पूर्व पार्षद व कारोबारी के घर फायरिंग करने और एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामले में वीरेंद्र चारण के पिता: नरेंद्र सिंह (73 वर्ष), निवासी बोबासर चारणान।
रोहित गोदारा के पिता: संतदास स्वामी (70 वर्ष)।
रोहित गोदारा की मां: गीता देवी (68 वर्ष), निवासी कपूरड़ीसर, कालू (बीकानेर), हाल लूणकरणसर। इस मामले में फायरिंग करने वाले दो शूटर पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
एसपी निश्चय प्रसाद एम. ने बताया कि पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ते हुए इन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस जांच में रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण गैंग के काम करने के तरीके (Modus Operandi) का भी बड़ा खुलासा हुआ है।
कैसे काम करती है यह गैंग?
अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, गैंग का नेटवर्क स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है:
टारगेट की पहचान: स्थानीय स्तर पर जुड़े गुर्गे चंद रुपयों के लालच में बड़े ज्वेलर्स, प्रॉपर्टी डीलर्स और रईस लोगों के नाम, पते और मोबाइल नंबर जुटाते हैं।
जानकारी साझा करना: जुटाई गई यह पूरी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशों में बैठे गैंग के सरगनाओं तक पहुंचाई जाती है।
रंगदारी मांगना: इसके बाद मुख्य सरगना वर्चुअल या विदेशी नंबरों से कॉल करके इन लोगों से रंगदारी (Extortion) मांगते हैं।
इसके अलावा, खबर में यह भी जिक्र है कि सीकर में इसी गैंग के गैंगस्टर राहुल रिणवां के जीजा शिव गौतम को भी पकड़ा गया है।






































