वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद भी नियमितीकरण से वंचित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारी

चिकित्सा विभाग और वित विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की गलतियों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारी जो 15 से 20 वर्षों से अल्प मानदेय पर काम करने और शोषण होने के बावजूद राज्य सरकार ने राजस्थान कॉन्ट्रेचुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट के नियम 2022 के बिंदु संख्या 20 के तहत चिकित्सा विभाग ने 4518 पदों की वित्तीय स्वीकृति मिलने के बावजूद वित विभाग और चिकित्सा विभाग में फाइल गोल गोल घूम रही है।जिस से नियमित के पात्र कार्मिकों की सेवानिवृति की उम्र इस नियम के बिना लाभ के सेवानिवृत हो गए। और कुछ भगवान को प्यारे हो गए। लेकिन न्याय के लिए कही से भी आशा नजर नहीं आ रही है।

साथ ही इस सरकार को आए हुए लगभग 20 माह निकलने के बाद भी इन्हें नियमितीकरण से वंचित रखा जा रहा है और फाइल वित नियम और चिकित्सा विभाग में घूम रही है। क्या सरकार की मंशा नहीं है इन्हें नियमित करने की आगामी पंचायत राज चुनाव में लगभग 1 लाख 10 हजार कार्मिकों में सरकार के खिलाफ रोष है यह समय बताएगा कि ऊंट करवट किस और बदलेगा लेकिन फिलहाल उक्त कार्मिकों में बड़ा रोष है सरकार की नीतियों और विभाग की कारगुज़ारी से नुकसान भुगत रहे है कौन सुनेगा इस पीड़ित संविदा कार्मिकों की आवाज अब तो बेबस हो कर कार्मिक बड़े आंदोलन की और अग्रसर लग रहे है।

































