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बीकानेर: कोड़मदेसर भैरूनाथ मंदिर का ऐतिहासिक तालाब बदहाल, पहली बार पूरी तरह सूखा; जर्जर दीवारों से हादसे का अंदेशा

THE BIKANER NEWS:-बीकानेर। शहर के प्रमुख आस्था केंद्रों में से एक, कोड़मदेसर भैरूनाथ बाबा मंदिर के पीछे स्थित सैकड़ों वर्ष पुराना ऐतिहासिक तालाब इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि यह तालाब पूरी तरह से सूख गया है और इसकी दीवारें अत्यंत जर्जर अवस्था में पहुंच गई हैं।

दीवारें ढहीं तो मंदिर पर भी पड़ सकता है असर

तालाब की सबसे बड़ी समस्या तालाब की जर्जर हो चुकी दीवारें हैं। यदि समय रहते इनकी मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं किया गया, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इन दीवारों के गिरने से सीधा असर पास स्थित मुख्य मंदिर के ढांचे पर भी पड़ने की प्रबल संभावना है।

प्रशासन के दावों की खुली पोल, धरातल पर काम शून्य

कोड़मदेसर मंदिर में रविवार सहित विशेष पर्वों पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। कुछ समय पूर्व प्रशासन द्वारा तालाब की सुध लेने और इसके जीर्णोद्धार की खबरें सामने आई थीं, लेकिन धरातल पर अब तक कोई कार्य शुरू नहीं हुआ है।

मानसून से पहले मरम्मत की मां

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मानसून से पहले तालाब की सफाई, दीवारों का निर्माण और अन्य जीर्णोद्धार संबंधी कार्य पूरे किए जाएं। ऐसा होने पर यह कदम न केवल मंदिर की सुरक्षा के लिए, बल्कि इस क्षेत्र के हजारों पशु-पक्षियों और जीवों के लिए भी एक बड़ा वरदान साबित होगा।

जनसहयोग से बुझाई जा रही है जीवों की प्यास

वर्तमान में प्रशासन की निष्क्रियता के बी जनसहयोग से तालाब में एक छोटी पाळ (अस्थाई दीवारनुमा ढांचा) बनाकर पानी के टैंकरों की सप्लाई के जरिए बेजुबान जीवों की प्यास बुझाई जा रही है।

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