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बीकानेर: सिविल लाइन क्षेत्र में बदहाल सड़कें, जलभराव और पेयजल संकट से लोग परेशान, स्थानीय निवासियों ने उठाई समाधान की मांग

THE BIKANER NEWS:-बीकानेर। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र स्थित बंगलानगर ऊन मंडी के पीछे स्वामियों की बाड़ी में मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वर्षों से सड़क, पेयजल और जल निकासी जैसी बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं होने से उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र की अधिकांश सड़कें अब भी कच्ची हैं या पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। जगह-जगह बड़े गड्ढों के कारण हल्की बारिश में ही सड़कें कीचड़ और जलभराव से भर जाती हैं। इससे पैदल चलना मुश्किल हो जाता है, दोपहिया वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है और चारपहिया वाहनों को भी नुकसान पहुंचता है।

निवासियों का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और नौकरीपेशा लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। रात के समय पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं होने से दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाती है। उनका यह भी कहना है कि खराब रास्तों के कारण कई बार एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं को भी समय पर पहुंचने में कठिनाई होती है।

क्षेत्रवासियों ने बताया कि पेयजल की पुरानी पाइपलाइनें जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हैं, जिससे पानी की लीकेज होने के साथ-साथ दूषित पानी की समस्या भी बनी रहती है। वहीं, क्षेत्र में पक्की नालियों और समुचित ड्रेनेज व्यवस्था के अभाव में बारिश और घरों का गंदा पानी सड़कों पर ही जमा हो जाता है।

निवासियों के अनुसार, बरसात के दिनों में कई घरों में पानी भर जाता है, दीवारों में सीलन आ जाती है तथा मच्छरों के प्रकोप से डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उनका आरोप है कि नियमित सफाई नहीं होने से कचरा भी सड़कों पर पड़ा रहता है, जिससे गंदगी और बदबू फैलती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इन समस्याओं का असर क्षेत्र के व्यापार, संपत्तियों के मूल्य और बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। उनका दावा है कि कई बार नगर निगम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने के बावजूद अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं।

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सिविल लाइन क्षेत्र की सड़क, जल निकासी, पेयजल और सफाई व्यवस्था में शीघ्र सुधार कर स्थायी समाधान करने की मांग की है।

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