स्कूल सेफ्टी एक्ट लागू करने के लिए राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

स्कूल एजुकेशन वेलफेयर एसोसिएशन सेवा राजस्थान के प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेशाध्यक्ष कोडाराम भादू के नेतृत्व जिला कलेक्टर के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति महोदया, को ज्ञापन भेज कर देशभर में शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने व “School Safety Act” बनाए जाने की मांग की है। संगठन कै मीडिया प्रभारी शैलेश भदानी ने बताया कि स्कूल संचालकगण, आपका अत्यंत गंभीर विषय पर ध्यान आकृष्ट कराना चाहते हैं। विगत कुछ वर्षों में विद्यालय परिसरों में शिक्षकों पर हो रहे हमलों की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इन घटनाओं में चाकू और बंदूकों का प्रयोग आम हो गया है, जिससे शिक्षकगण भय के वातावरण में कार्य करने को विवश हैं।
इस भय के कारण वे विद्यार्थियों में अनुशासन और नैतिक मूल्यों के निर्माण जैसे अपने प्राथमिक शैक्षिक दायित्वों को भी पूर्ण रूप से निभा पाने में असमर्थ हो रहे हैं।
हाल ही में हरियाणा राज्य के हिसार जिले के पुट्ठी गांव में एक अत्यंत दु:खद घटना घटी, जिसमें श्री जगबीर पानू नामक शिक्षक की उनके ही विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा नृशंस हत्या कर दी गई। यह केवल शिक्षकों के लिए नहीं, अपितु समस्त समाज के लिए एक गंभीर और चिंताजनक संकेत है।
उक्त पृष्ठभूमि में, हम निम्नलिखित मांगें आपके समक्ष प्रस्तुत करते हैं:

- School Safety Act पूरे देश में लागू किया जाए, जिससे विद्यार्थी, शिक्षक एवं समस्त स्कूल स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- दिवंगत शिक्षक श्री जगबीर पानू जी को “शहीद” का दर्जा प्रदान किया जाए, जिससे शिक्षक समुदाय को सुरक्षा और सम्मान की अनुभूति हो। साथ ही, उनके परिवार को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में नियुक्ति प्रदान की जाए।
- विद्यालयों में अध्ययनरत अधिकांश विद्यार्थी 18 वर्ष से कम आयु के होते हैं। दुर्भाग्यवश, उनमें यह मानसिकता घर करती जा रही है कि नाबालिग होने के कारण उन्हें गंभीर अपराधों पर भी कठोर दंड नहीं मिलेगा, जिससे वे आपराधिक प्रवृत्तियों की ओर अग्रसर हो रहे हैं। अतः ऐसे अपराधों को “जघन्य अपराध” की श्रेणी में रखा जाए तथा नाबालिग की परिभाषा में आयु सीमा पर पुनर्विचार किया जाए।
हमें विश्वास है कि आप हमारे इस अत्यंत संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण ज्ञापन पर शीघ्र संज्ञान लेंगे और संबंधित मंत्रालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेंगे, जिससे पूरे देश में शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और वे भयमुक्त होकर राष्ट्र निर्माण में अपने योगदान को जारी रख सकें। प्रतिनिधि मंडल में सेवा संगठन के नगर संयोजक शैलेंद्र यादव हंसराज धौलपुरिया आदि शामिल रहे।
































