विश्व हृदय दिवस पर पीबीएम में जन जागरण कार्यक्रम: “बचाव ही हृदय रोगों का सबसे उचित उपचार”विभागाध्यक्ष डॉ. पिंटू नाहटा

THE BIKANER NEWS:-बीकानेर:-विश्व हृदय दिवस के अवसर पर मंगलवार को पीबीएम अस्पताल के हल्दीराम हार्ट हॉस्पिटल (हृदय रोग विभाग) द्वारा एक विशाल जन जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “डोंट मिस ए बीट” के तहत विशेषज्ञ चिकित्सकों ने आमजन को स्वस्थ हृदय और अस्पताल में बढ़ती सुविधाओं को लेकर जागरूक किया।
स्वस्थ हृदय के 5 मूल मंत्र
हृदय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पिंटू नाहटा ने स्पष्ट किया कि हृदय रोगों से बचाव ही इसका सबसे बेहतर उपचार है। उन्होंने जीवनशैली में सुधार के 5 प्रमुख बिंदु बताए:
- संतुलित आहार: भोजन में फल-सब्जियों को प्राथमिकता दें और स्टोर्ड या जंक फूड से पूरी तरह परहेज करें।
- नियमित व्यायाम: सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम स्तर का व्यायाम, योग या प्राणायाम करें।
- नशामुक्त जीवन: तम्बाकू, धूम्रपान और मदिरापान रक्त वाहिनियों को सिकोड़कर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाते हैं, इनसे दूर रहें।
- बीमारियों पर नियंत्रण: ब्लड प्रेशर, शुगर (मधुमेह), मोटापा और कोलेस्ट्रॉल को हमेशा नियंत्रित रखें।
- तनाव प्रबंधन: मानसिक तनाव से बचें और सकारात्मक सोच के साथ नियमित ध्यान (मेडिटेशन) करें, जिससे हृदय गति सामान्य बनी रहे।
लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
डॉ. दिनेश चौधरी ने मरीजों को हिदायत दी कि हृदय रोग से जुड़े किसी भी लक्षण को हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से मिलें। जो मरीज पहले से उपचार ले रहे हैं, वे दवाओं और नियमित फॉलोअप में लापरवाही न बरतें।
हार्ट हॉस्पिटल में जल्द शुरू होंगी नई सुविधाएं
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से गरीब मरीजों को एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, पेसमेकर, बिना चीर-फाड़ के वाल्व प्रत्यारोपण जैसी महंगी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। वर्तमान में दो कैथ लैब के जरिए रोज 30-35 प्रोसीजर किए जा रहे हैं, जिससे मरीजों का वेटिंग समय खत्म हो गया है।
उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 500-600 मरीजों की ओपीडी को देखते हुए अस्पताल का विस्तार किया जा रहा है। जल्द ही मरीजों को 15 बेड का नया कार्डियक आपातकालीन परिसर, नई इको मशीन, दो नए ओपीडी कक्ष और 20 बेड के कैथ लैब आईसीयू के साथ तीसरी नई कैथ लैब की सुविधा मिलेगी। इसी बीच, अकादमिक उपलब्धियों को देखते हुए एनएमसी दिल्ली ने डीएम कार्डियोलॉजी की सीटें 4 से बढ़ाकर 5 कर दी हैं।
सोशल मीडिया की डाइट से बचें
डायटिशियन एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. मीनाक्षी जाखड़ ने सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही आहार संबंधी भ्रामक जानकारियों के प्रति सतर्क किया। उन्होंने कहा कि खान-पान में कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
कार्यक्रम में डॉ. सुनील बुडानिया, डॉ. राम गोपाल कुमावत, डॉ. रतन लाल रांका, डॉ. राजवीर बेनीवाल और डॉ. नुमान आरिफ ने भी हृदय रोगों की रोकथाम और समय पर पहचान को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।





































