श्रीगंगानगर: ग्राम पंचायत 4 जे.एस.डी (बुगिया) में भ्रष्टाचार का आरोप,मुख्यमंत्री को पत्र के जरिये की शिकायत, उच्चस्तरीय जांच की मांग

THE BIKANER NEWS:-श्रीविजयनगर/श्रीगंगानगर।जिले की श्रीविजयनगर तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत 4 जे.एस.डी (बुगिया) की वर्तमान सरपंच श्रीमती लक्ष्मी देवी बारूपाल और ग्राम विकास अधिकारी पर पद का दुरुपयोग कर भारी भ्रष्टाचार करने तथा सरकारी भूमि पर निजी लोगों का अवैध कब्जा करवाने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री को एक विस्तृत शिकायत पत्र भेजकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।
सार्वजनिक पार्क को किया जा रहा खुर्द-बुर्द
मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायत पत्र के अनुसार, चक 4 जे.एस.डी में एक सार्वजनिक पार्क के लिए पूर्व सरपंच द्वारा 21 अक्टूबर 2019 को बाकायदा पट्टा (पट्टा संख्या 61/9) काटा गया था। आरोप है कि वर्तमान सरपंच लक्ष्मी देवी और ग्राम विकास अधिकारी मनोज मिलीभगत कर इस सार्वजनिक पार्क की जमीन को खुर्द-बुर्द कर रहे हैं और अपने चहेते निजी लोगों को इसके पट्टे जारी कर कब्जा करवा रहे हैं। शिकायत में यह भी बताया गया है कि इस पार्क में लगे हजारों पेड़ों को कटवा दिया गया है।
बाहरी लोगों को बेची जा रही पंचायत की जमीन!
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में खाली पड़ी लाखों रुपये की कीमती जमीन के पट्टे पंचायत क्षेत्र के निवासियों को देने के बजाय बाहरी लोगों को दिए जा रहे हैं। आरोप है कि सरपंच द्वारा मोटी रकम वसूल कर इन बाहरी लोगों को पट्टे बांटे गए हैं, जिससे न केवल स्थानीय ग्रामीणों का हक मारा गया है बल्कि सरकार को भी राजस्व का भारी नुकसान हुआ है।
सफाई के नाम पर सिर्फ उठ रहा पैसा
गांव के विकास और स्वच्छता को लेकर भी सरपंच की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। शिकायत के मुताबिक, 4 जे.एस.डी के सभी गांवों की गलियों में गंदगी बिखरी हुई है और सरपंच द्वारा किसी प्रकार की सफाई नहीं करवाई जा रही है। आरोप है कि सफाई के लिए आने वाला पैसा सिर्फ उठाया जा रहा है, धरातल पर कोई काम नहीं हो रहा।
शिकायतकर्ता ने की सख्त कार्रवाई की मांग
3 जे.एस.डी, जैतसर निवासी शिकायतकर्ता संदीप कुमार ने 16 अगस्त 2026 को यह प्रार्थना पत्र मुख्यमंत्री को भेजा है। उन्होंने मांग की है कि उक्त पूरे मामले, विशेषकर पार्क की जमीन बेचने और सफाई के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
मामले की पूरी सच्चाई क्या है ये अभी स्पष्ठ नही हुआ है,फिलहाल दूसरे पक्ष के बयानों का भी इतंजार रहेगा





































