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शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को सौंपा 20 सूत्रीय ज्ञापन, बालिका सैनिक स्कूलों की छात्राएं अनिश्चितकालीन अवकाश पर

THE BIKANER NEWS:-कोटा/जयपुर, 5 सितंबर 2026: राजस्थान में बालिका सैनिक स्कूलों की बदहाली और प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर ‘बालिका सैनिक स्कूल संघर्ष समिति’ और अभिभावकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समिति के प्रदेशाध्यक्ष श्री कोड़ाराम भादू के नेतृत्व में राज्य के शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर को 20 सूत्रीय मांगों का एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया है।

​मूलभूत सुविधाओं का अभाव और दोषपूर्ण SOP का विरोध

​समिति के अनुसार, जयमलसर (बीकानेर) और मोहनपुरा (सीकर) स्थित बालिका सैनिक स्कूलों को शुरू हुए 5 महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन छात्राएं अभी भी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही हैं। सुविधाओं के भारी अभाव के चलते दोनों स्कूलों की कैडेट्स 23 अगस्त से अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर हैं।

​समिति ने शिक्षा निदेशक द्वारा जारी की गई SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) को ‘अत्यंत त्रुटिपूर्ण और निराशाजनक’ बताते हुए उस पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। अभिभावकों का आरोप है कि यह SOP बिना किसी सैनिक स्कूल का दौरा किए, बिना रक्षा मंत्रालय (MoD) या ऑल इंडिया सैनिक स्कूल सोसाइटी (AISSS) के साथ MoU किए और बिना सैन्य विशेषज्ञों के परामर्श के महज़ इंटरनेट से सामग्री निकालकर बना दी गई है। इसमें न तो सैन्य अधिकारियों की नियुक्ति का कोई प्रावधान है और न ही कैडेट्स की यूनिफॉर्म का।

​संघर्ष समिति की प्रमुख मांगें

​अभिभावकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक चित्तौड़गढ़ और झुंझुनूं सैनिक स्कूलों की तर्ज पर संशोधित नियमावली लागू नहीं होती, वे बच्चियों को वापस स्कूल नहीं भेजेंगे। 20 सूत्रीय ज्ञापन की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • AISSS दिशानिर्देश: रक्षा मंत्रालय के अधीन AISSS के मानकों के अनुरूप तत्काल संशोधित नियमावली जारी की जाए।
  • सैन्य अधिकारियों की नियुक्ति: प्रिंसिपल पद पर वरिष्ठ सैन्य अधिकारी (कर्नल रैंक) और ड्रिल/पीटी हेतु JCO/NCO की प्रतिनियुक्ति हो।
  • ड्रेस कोड एवं किट: निर्धारित 39 प्रकार की किट सामग्री और यूनिफॉर्म का अविलंब वितरण सुनिश्चित किया जाए।
  • दैनिक दिनचर्या: AISSS के मानकों के अनुसार ही अध्ययन, ड्रिल, खेल और अवकाश का टाइम-टेबल लागू हो।
  • चिकित्सा एवं सुरक्षा: 24×7 मेडिकल सुविधा, एंबुलेंस, शुद्ध पेयजल (RO प्लांट), और परिसर की सुरक्षा के लिए हाई-मास्ट लाइटें लगाई जाएं।
  • आवश्यक स्टाफ एवं इंफ्रास्ट्रक्चर: लाइब्रेरियन, पीटीआई, मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति हो, साथ ही आधुनिक कंप्यूटर लैब और स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए जाएं।
  • अन्य सुविधाएं: अभिभावक गेस्ट हाउस, परिसर कैंटीन, खेल मैदान का समतलीकरण, और निरंतर विद्युत आपूर्ति के लिए जनरेटर/सोलर पैनल की व्यवस्था की जाए।

​जयपुर में महापड़ाव की चेतावनी

​बालिका सैनिक स्कूल संघर्ष समिति ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने समय रहते उनकी मांगें नहीं मानीं और AISSS गाइडलाइन के तहत सैन्य अधिकारियों के पदस्थापन के आदेश जारी नहीं किए, तो राजस्थान भर के अभिभावक छात्राओं सहित राजधानी जयपुर के शहीद स्मारक पर विशाल धरना और महापड़ाव करेंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

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