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बीकानेर: प्रयोगशाला सहायक भर्ती-2018 के लंबित मामलों के निस्तारण की मांग, कार्मिकों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन,बिना नोटिस कार्यमुक्त करने का आरोप

THE BIKANER NEWS;बीकानेर। प्रयोगशाला सहायक भर्ती-2018 से जुड़े न्यायालय में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण तथा पूर्व में कार्यमुक्त किए गए आरएमआरएस (RMRS) अनुबंध कार्मिकों की पुनर्नियुक्ति की मांग को लेकर मुख्यमंत्री निः शुल्क जांच योजना कार्मिक संघ, बीकानेर ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। संघ ने कार्मिकों की आर्थिक, सामाजिक और मानसिक परेशानियों का हवाला देते हुए सरकार से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की है।


ज्ञापन में बताया गया कि प्रयोगशाला सहायक भर्ती-2018 का मामला वर्तमान में उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, जिसके चलते भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से अटकी हुई है। इससे अनेक अभ्यर्थियों को मानसिक तनाव और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने सरकार से मामले की प्रभावी पैरवी कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।


बिना नोटिस कार्यमुक्त करने का आरोप
संघ के अनुसार चिकित्सा संस्थानों में स्थायी प्रयोगशाला सहायकों की नियुक्ति के बाद कई अनुभवी कार्मिकों को 2 नवंबर 2022 को बिना पूर्व सूचना और नोटिस के कार्यमुक्त कर दिया गया। ये कार्मिक वर्ष 2013 से प्लेसमेंट एजेंसी तथा 1 अप्रैल 2016 से आरएमआरएस अनुबंध के तहत सेवाएं दे रहे थे।
ज्ञापन में कहा गया कि कार्यमुक्त किए गए अधिकांश कर्मचारी अब 40 वर्ष से अधिक आयु के हो चुके हैं, जिससे उनके सामने रोजगार और परिवार के भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। साथ ही वे नई सरकारी भर्तियों में आवेदन करने की पात्रता भी काफी हद तक खो चुके हैं।
कोरोना काल की सेवाओं का हवाला
कार्मिकों ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर कोविड सैंपलिंग सहित कई महत्वपूर्ण कार्य किए थे। ऐसे में वर्षों तक सेवाएं देने के बाद उन्हें अचानक कार्यमुक्त किया जाना उनके साथ अन्याय है।
रामनिवास प्रकरण का उल्लेख
ज्ञापन में सीएचसी पूगल से जुड़े कार्मिक स्वर्गीय रामनिवास के मामले का भी उल्लेख किया गया है। संघ ने दावा किया कि रामनिवास को 2 नवंबर 2022 को कार्यमुक्त किया गया था तथा उनका नाम प्रयोगशाला सहायक भर्ती-2018 की अंतरिम चयन सूची में भी शामिल था। संघ ने उनकी मृत्यु की घटना का हवाला देते हुए सरकार से संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी अन्य कार्मिक को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री से पुनर्नियुक्ति की मांग
संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि न्यायालय में लंबित भर्ती प्रकरणों का जल्द निस्तारण कराया जाए तथा पूर्व में हटाए गए आरएमआरएस अनुबंध कार्मिकों की पुनर्नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में किशन गोपाल छंगाणी, जितेंद्र जोशी, शकील अहमद, मनोज कुमार, आसिफ अली और सुनील कुमार सहित अन्य कार्मिक शामिल रहे। संघ का कहना है कि लंबे समय से लंबित इस मुद्दे पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाना आवश्यक है, ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।

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