|

चर्म रोगों के सस्ते और आधुनिक उपचार पर बीकानेर में होगा मंथन, दो दिवसीय राज्यस्तरीय सम्मेलन में 450 विशेषज्ञ जुटेंगे 35 वैज्ञानिक सत्रों में साझा होंगे अनुभव और नवीन शोध

THE BIKANER NEWS:-

24 व 25 अक्टूबर को राज्य स्तरीय सम्मेलन, 35 वैज्ञानिक सत्रों में साझा होंगे अनुभव और नवीन शोध

दिनांक 22 अक्टूबर, बीकानेर। चर्म रोगों के उपचार में आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों को आमजन के लिए सस्ता और सुलभ बनाने के उद्देश्य से बीकानेर में देश-विदेश के विशेषज्ञ जुटेंगे। भारतीय चर्म, रति एवं कुष्ठ रोग विशेषज्ञ संगठन का 47वां राज्य स्तरीय दो दिवसीय सम्मेलन 24 व 25 अक्टूबर 2026 को जयपुर-जोधपुर बायपास स्थित गणेशम रिसॉर्ट में आयोजित होगा। ‘त्वचा आरोग्य सेवा न्यास’, बीकानेर के संयोजकत्व में होने वाले इस आयोजन में लगभग 450 विशेषज्ञ भाग लेंगे।

आयोजन समिति के प्रमुख, पीबीएम अस्पताल के अधीक्षक एवं चर्म रोग विभागाध्यक्ष डॉ. बी. सी. घीया ने बताया कि सम्मेलन में देश-विदेश के ख्यातनाम चर्म रोग विशेषज्ञ अपने चिकित्सकीय अनुभव साझा करेंगे। आयोजन का मुख्य ध्येय ऐसी आधुनिक उपचार पद्धतियों पर चर्चा करना है, जो प्रभावी होने के साथ आमजन की आर्थिक पहुंच में भी हों। विशेषज्ञों के अनुभवों और वैज्ञानिक संवाद के माध्यम से रोगियों को बेहतर, सस्ती एवं सुलभ चिकित्सा उपलब्ध करवाने की संभावनाओं पर मंथन होगा।

आयोजन सचिव एवं वरिष्ठ चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहित बंसल ने बताया कि सम्मेलन में नई औषधियों के उपयोग, उनकी प्रभावशीलता तथा संभावित दुष्प्रभावों पर विशेष चर्चा होगी। विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले विशेषज्ञ उपचार के अपने अनुभव साझा करेंगे, जिससे चिकित्सकों को नवीन औषधीय प्रयोगों की उपयोगिता और सीमाओं को समझने का अवसर मिलेगा।

साइंटिफिक चेयरपर्सन एवं वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. प्रसून सोनी ने बताया कि सम्मेलन में लगभग 35 वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें चर्म, कुष्ठ एवं यौन रोगों के निदान, उपचार और रोकथाम पर अनुभवी चिकित्सक विचार रखेंगे। स्नातकोत्तर विद्यार्थी अपने शोध पत्रवाचन और पोस्टर प्रस्तुतियों के माध्यम से साझा करेंगे। विभिन्न परिचर्चा सत्रों में लगभग 150 वरिष्ठ विशेषज्ञ एवं स्नातकोत्तर छात्र सक्रिय भागीदारी निभाते हुए चिकित्सकीय विषयों और शोध परियोजना प्रबंधन पर गहन विमर्श करेंगे।

डॉ. सोनी के अनुसार, युवा चिकित्सकों को वरिष्ठ विशेषज्ञों से सीधे संवाद और व्यक्तिगत मार्गदर्शन का अवसर मिलेगा। इससे वे जटिल चिकित्सकीय परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने और उपचार के परिणामों में सुधार के लिए अनुभवी चिकित्सकों की समझ का लाभ उठा सकेंगे।

आयोजन के मुख्य समन्वयक चर्म रोग विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ राजेश दत्त मेहता ने वैज्ञानिक सत्रों में शिक्षण -प्रशिक्षण की आधुनिक विधा से जुड़ी प्रणाली पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सम्मेलन में नवाचार के रूप में वीडियो व्याख्यानों के माध्यम से विभिन्न चिकित्सकीय विधियों का प्रशिक्षण भी शामिल किया गया है। वैज्ञानिक चर्चा, शोध प्रस्तुतियों और व्यावहारिक प्रशिक्षण के इस समन्वय से आयोजन चर्म रोग चिकित्सा में नई जानकारी और अनुभवों को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button