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राजस्थान में नए वेदर सिस्टम से बदलेगा मौसम, बीकानेर, जयपुर और भरतपुर सहित 16 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट

THE BIKANER NEWS:-राजस्थान मौसम अपडेट। प्रदेश में बीते दिनों हुई आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी बीच राज्य में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने से एक बार फिर कई जिलों में बारिश और तेज आंधी की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस वेदर सिस्टम का असर 16 अक्टूबर तक बना रह सकता है। मौसम विभाग ने 14 और 15 अक्टूबर को प्रदेश के कई जिलों में बारिश और आंधी का यलो अलर्ट जारी किया है।


14 अक्टूबर को इन 5 जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 14 अक्टूबर को श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर और झुंझुनूं में बारिश की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, नए वेदर सिस्टम के प्रभाव से बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में भी आंधी और बारिश देखने को मिल सकती है।
15 अक्टूबर को 11 जिलों में बारिश की चेतावनी
15 अक्टूबर को मौसम का असर प्रदेश के 11 जिलों में देखने को मिल सकता है। इनमें श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, नागौर, जयपुर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर और दौसा शामिल हैं। इन जिलों में बारिश और आंधी की संभावना को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।


रात में बढ़ी ठंडक, दिन में गर्मी बरकरार
प्रदेश में पिछले चार दिनों से मौसम में आए बदलाव का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। रात के तापमान में गिरावट के चलते कई इलाकों में ठंडक बढ़ गई है। प्रदेश के 10 जिलों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा रहा है।
सोमवार रात सिरोही प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, उदयपुर में न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
दूसरी ओर, रात में ठंडक बढ़ने के बावजूद दिन के तापमान में अभी भी गर्मी का असर बना हुआ है। प्रदेश के कई इलाकों में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। सोमवार को पिलानी में सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया।


मौसम में बदलाव को देखते हुए सतर्क रहें
आने वाले दिनों में आंधी और बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। तेज आंधी के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहें तथा खराब मौसम में सावधानी बरतें।

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