केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को कांग्रेस नेताओं ने सौंपे दो ज्ञापन, कोटगेट अंडरब्रिज और बीकानेर की रेल परियोजनाओं को लेकर उठाई मांगें

THE BIKANER NEWS:;बीकानेर, 21 जून 2026। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के बीकानेर प्रवास के दौरान पूर्व मंत्री डॉ. बुलाकी दास कल्ला और देहात जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर बीकानेर शहर की रेल एवं यातायात समस्याओं के समाधान तथा विभिन्न रेल परियोजनाओं को शीघ्र मंजूरी देने की मांग की।

कोटगेट अंडरब्रिज को दोतरफा बनाने की मांग
पहले ज्ञापन में नेताओं ने कोटगेट रेलवे फाटक पर निर्माणाधीन अंडरब्रिज की प्रस्तावित 4 मीटर चौड़ाई पर आपत्ति जताते हुए इसे दोतरफा यातायात योग्य बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रस्ताव के अनुसार अंडरब्रिज से केवल एकतरफा यातायात संभव होगा, जिससे शहरवासियों को अपेक्षित राहत नहीं मिलेगी।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि बीकानेर में रेलवे फाटक दिनभर में लगभग 52 बार बंद होते हैं, ऐसे में एकतरफा अंडरब्रिज समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। साथ ही अंडरब्रिज में जलभराव रोकने के लिए भूमिगत ड्रेनेज व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।
सांखला फाटक बंद करने के प्रस्ताव का विरोध
कांग्रेस नेताओं ने सांखला रेलवे फाटक को स्थायी रूप से बंद कर दीवार निर्माण के प्रस्ताव का भी विरोध किया। उनका कहना है कि इससे पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों को फड़ बाजार सहित आसपास के क्षेत्रों में पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। उन्होंने जनहित में सांखला फाटक पर आवागमन की सुविधा बनाए रखने की मांग की
वैकल्पिक रेल मार्ग का सुझाव
ज्ञापन में बीकानेर-लालगढ़ के बीच दोहरी रेल लाइन और विद्युतीकरण परियोजना के लिए भारी भूमि अधिग्रहण लागत और संभावित कानूनी विवादों का हवाला देते हुए लालगढ़-नाल-कैंट स्टेशन के माध्यम से वैकल्पिक रेल मार्ग विकसित करने का सुझाव भी दिया गया। नेताओं का दावा है कि इससे कम लागत में कार्य पूरा होने के साथ सामरिक दृष्टि से भी रेलवे को लाभ मिलेगा।
बीकानेर रेल कारखाने के आधुनिकीकरण सहित आठ प्रमुख मांगें
दूसरे ज्ञापन में डॉ. कल्ला और बिशनाराम सियाग ने बीकानेर संभाग से जुड़ी विभिन्न रेल परियोजनाओं और मांगों को रेल मंत्री के समक्ष रखा।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई कि:
बीकानेर स्थित रेलवे कारखाने को ब्रॉडगेज से जुड़े कार्य दिए जाएं।
रेलवे कारखाने का आधुनिकीकरण एवं विस्तार कर पुनः रेल डिब्बों का निर्माण शुरू किया जाए।
विद्युतीकरण कार्य पूर्ण होने तक डीजल इंजन से संबंधित कार्य कारखाने को सौंपे जाएं।
बीकानेर शहर में दोहरी विद्युत एवं रेल लाइन बिछाने के कार्य में तेजी लाई जाए।
सीमावर्ती जिले की जरूरतों को देखते हुए रेलवे बाईपास का निर्माण कराया जाए।
बीकानेर-अजमेर-पुष्कर रेल सेवा शुरू करने के लिए मिसिंग लिंक का निर्माण किया जाए।
खाजूवाला-अनूपगढ़ एवं कैनाल लूप लाइन परियोजनाओं को स्वीकृति दी जाए।
सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण रेल संचालन नियंत्रण कार्यालय को संविदा के बजाय रेलवे के प्रत्यक्ष नियंत्रण में रखा जाए।
कांग्रेस नेताओं ने रेल मंत्री से इन मांगों पर सकारात्मक विचार कर बीकानेर संभाग के विकास और रोजगार सृजन के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।




































