सड़को पर काल बनकर मंडराता रहा ‘कातिल मांझा’ पुलिस को कही नही मिला,150 से ज्यादा लहूलुहान,सावधानी ही बचाव!


THE BIKANER NEWS:;बीकानेर। बीकानेर स्थापना दिवस और अक्षय तृतीया (आखातीज) के मौके पर जहां आसमान सतरंगी पतंगों से अटा रहा, वहीं जानलेवा चाइनीज मांझे ने शहर में अपना खूनी खेल खेला। प्रशासन की तमाम सख्ती और हाल ही में देशनोक में मासूम विराट की मौत के बावजूद शहर के कई इलाकों में प्रतिबंधित मांझे का धड़ल्ले से इस्तेमाल हुआ।

अस्पतालों में लगा घायलों का तांता:
पीबीएम और जिला अस्पताल में शाम तक चाइनीज मांझे की चपेट में आने से 150 से अधिक लोग लहूलुहान हालत में पहुंचे। पीबीएम के ट्रोमा सेंटर में रात 8 बजे तक करीब 135 लोग घायल होकर पहुंचे। इनमें 28 वर्षीय रियाज और 45 वर्षीय गणेश गहलोत (निवासी जीवननाथ जी की बगेची) के गले पर गहरे घाव आए हैं। ट्रोमा सेंटर के मेडिकल ऑफिसर डॉ. लवलीन कपिल के अनुसार, गनीमत रही कि किसी की हालत गंभीर नहीं है और प्राथमिक उपचार के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई।
हैरत की बात यह है कि सड़कों पर काल बनकर मंडराता यह कातिल मांझा शहर की पुलिस को कहीं नहीं मिला। हालांकि, देशनोक में जनता अलर्ट नजर आई और दुपहिया वाहन चालकों ने हेलमेट पहनकर खुद का बचाव किया,आप भी सावधानी रखें और इस कातिल मांझे से बचे




































